इंद्रप्रस्थ न्यूज – ताज़ा हिंदी खबरें | राष्ट्रीय, राज्य, खेल, बिज़नेस ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज
ताजा खबरें कच्चे तेल की आंच में झुलसा घरेलू शेयर बाजार, निवेशकों को लगी 8.77 लाख करोड़ रुपये की चपत यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब एशियन खेल मुक्केबाजी : प्रिया घांघस सेमीफाइनल में पहुंचीं, पदक किया पक्का एशियन खेल : भारतीय महिला स्क्वैश टीम की लगातार दूसरी जीत, जापान को 2-1 से हराया कुपवाड़ा में सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत, छह अन्य घायल (अपडेट) उत्तराखंड में आठ हेलीकॉप्टरों से युद्धस्तर पर रेस्क्यू, ऑडेन कोल के सभी 29 और कालिंदी पास के नौ ट्रेकर्स निकाले गए सुभाष राय और लीलाधर मंडलोई को ‘अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान’ बिहारः नारायणपुर के कसमाबाद में कटाव, नदी में विलीन हुए एक दर्जन से अधिक आशियाने एमएमडीआर विधेयक को लेकर विपक्ष का हंगामा, ओडिशा विधानसभा में नहीं चल सका प्रश्नकाल डीपफेक वीडियो पर भड़के सलमान खान बॉक्स ऑफिस पर सिद्धार्थ-तमन्ना की \'द वन\' का जलवा दिल्ली के कालकाजी दुष्कर्म मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल प्रयागराज : हाेटल की आड़ में चल रहा अवैध हुक्का बार का भंडाफाेड़, संचालक गिरफ्तार महंगाई को लेकर जयराम रमेश का केंद्र पर हमला, बोले- हर हिस्से पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ जेड प्लस सिक्योरिटी हटाए जाने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी कभी भारत सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं बनेगा! खरगे ने बुलाई सीडब्ल्यूसी की बैठक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रायगढ़ की केमिकल फैक्टरी में जोरदार धमाका, चार गंभीर घायल महिला पहलवानों की याचिका पर बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस, सुनवाई 9 अक्टूबर को कोहली का करियर खत्म होने के बाद ही उनकी विरासत की अहमियत समझ आएगी : इयान बिशप नेपालः हुम्ला में भारी हिमपात, न्यालु और नारा झील की सड़कें बंद स्कूल में गलत गतिविधि की सूचना पर पहुंचे शिक्षक को मारी गोली, पटना रेफर एशियाई खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन, सूची में 39 पदकों के साथ 12वें स्थान पर सचिन तेंदुलकर ने ओपनएआई के साथ की साझेदारी की घोषणा एशियाई खेल 2026: पिंकी बलहारा ने कुराश में जीता कांस्य पदक

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर पुराने आदेश में बदलाव से किया इनकार

19 May 2026



नई दिल्ली, 19 मई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर अपने पहले के आदेश में किसी भी संशोधन से इनकार किया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने 7 नवंबर 2025 के दिए अपने आदेश को बरकरार रखा है।


उच्चतम न्यायालय ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड की ओर से आवारा जानवरों को लेकर जारी की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर की वैधता को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि एनमिल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) के नियम 2001 में लागू किए गए थे। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के अनुरुप इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार नहीं किया गया। इस संबंध में किए गए प्रयासों में गंभीरता और ठोस योजना का अभाव दिखा। नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी बिना किसी व्यापक रणनीति के चलाए जाते रहे जिससे इस व्यवस्था के मूल उद्देश्य ही प्रभावित हुए।


उच्चतम न्यायालय ने कहा कि एबीसी ढांचे को प्रभावी तरीके से लागू करने में हुई गंभीर लापरवाही के कारण आवारा कुत्तों की समस्या और विकराल होती गई है। न्यायालय ने कहा कि देश भर में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। न्यायालय ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक केवल राजस्थान के श्रीगंगानर शहर में एक महीने के भीतर कुत्तों के काटने के 1084 मामले सामने आए। कई मामलों में छोटे बच्चों को गंभीर चोटें आयी और यहां तक कि उनके चेहरे तक नोच डाले गए। न्यायालय ने कहा कि तमिलनाडु में साल के शुरुआती चार महीनों में करीब दो लाख कुत्तों के काटने के मामले दर्ज किए गए हैं।


उच्चतम न्यायालय ने 29 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने आवारा कुत्तों के बधियाकरण, कुत्तों के लिए शेल्टर होम स्थापित करने और शैक्षणिक और दूसरी संस्थाओं के कैंपसों से उन्हें हटाने के लिए अपर्याप्त कदम उठाने में नाकाम रहने पर राज्य सरकारों से नाराजगी जताई थी। न्यायालय ने असम की स्थिति पर आश्चर्य जताते हुए कहा था कि 2024 में राज्य में कुत्तों के काटने की 1.66 लाख घटनाएं घटी थीं लेकिन राज्य में केवल एक डॉग सेंटर था। गुजरात में कुत्तों के लिए शेल्टर होम्स की कोई सूचना नहीं मिली। उच्चतम न्यायालय ने झारखंड राज्य के हलफनामा पर गौर करते हुए कहा था कि पिछले दो महीने में 1.6 लाख कुत्तों के बधियाकरण की सूचना गलत लग रही है। दिल्ली के हलफनामे में कहा गया था कि 8 महीने में 68 हजार कुत्तों का बधियाकरण किया गया। ऐसे में एक साल में 80 हजार कुत्तों का ही बधियाकरण होगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस गति से आवारा कुत्तों की आबादी पर लगाम नहीं लगाया जा सकेगा।

Latest News