27 Sep 2026
पश्चिम बर्दवान, 27 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। पश्चिम बंगाल के आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस सांसद व बालीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को आसनसोल गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में चुनाव आयोग, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भाजपा और चुनाव आयोग एक-दूसरे के पर्यायवाची बन गए हैं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद हुए विभिन्न चुनावों और चुनाव के बाद लिए गए कई फैसलों को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई नेताओं का मानना है कि इन मामलों में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव आयोग के फैसलों से राजनीतिक लाभ मिला है और इसी कारण भाजपा आयोग के बचाव में खड़ी दिखाई दे रही है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष और जनता के बीच कई सवाल उठे हैं। सिन्हा ने कहा कि आने वाले समय में होने वाले चुनावों से पहले ही राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में जनता के बीच जागरूकता बढ़ रही है और युवाओं में भी आंदोलन तथा अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाने की भावना दिखाई दे रही है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2019 के चुनाव में इसके असर की बात करना अभी बहुत दूर की बात है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का माहौल अभी से दिखाई दे रहा है और आने वाले छह माह में राजनीतिक परिस्थितियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित चुनाव परिणाम की घोषणा नहीं की, बल्कि कहा कि जनता के हित में फैसला आने की उम्मीद है।
भाजपा की ओर से चुनाव के दौरान किए गए वादों का जिक्र करते हुए सांसद ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणाओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में महिलाओं के लिए घोषित आर्थिक योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव के समय किए गए वादों और बाद में लागू की गई योजनाओं के बीच अंतर को लेकर जनता में नाराजगी है।
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों ने लंबे समय तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भरोसा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं को कई तरह के वादे किए गए और ममता बनर्जी से दूर करने के लिए उनके मन में भ्रम पैदा किया गया। सिन्हा ने कहा कि यदि लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं होते हैं तो इसका विरोध होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना लोगों का अधिकार है और सड़क से लेकर संसद तथा विधानसभा तक विरोध की आवाज उठ सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी महिलाओं से किए गए वादों और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नेता चिराग पासवान को लेकर पूछे गए सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने उनकी प्रशंसा की। उन्होंने चिराग पासवान को समझदार और सूझबूझ वाला राजनेता बताते हुए कहा कि वह उनके करीबी और पारिवारिक मित्र हैं। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान के बयानों में संतुलन दिखाई देता है और वह अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत के योग्य उत्तराधिकारी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चिराग पासवान के हालिया बयान का उल्लेख करते हुए अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग को जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हालांकि, चिराग पासवान ने विपक्ष की राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की है, इस पर सिन्हा ने कहा कि राजनीति केवल विपक्ष का काम नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ दल भी राजनीति करता है।