29 Sep 2026
मॉस्को, 29 सितंबर (एजेंसी)। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर परमाणु हथियारों और तकनीकों के प्रसार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) द्वारा जारी मंत्रालय के एक मेमोरेंडम में कहा गया कि अमेरिका की परमाणु ताकत बढ़ाने और परमाणु तकनीकों के प्रसार की कोशिशों से अंतरराष्ट्रीय परमाणु व्यवस्था कमजोर हुई है और दुनिया परमाणु तबाही के खतरे की ओर बढ़ रही है।
27 सितंबर के मेमोरेंडम में उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की परमाणु हथियारों के प्रसार से जुड़ी गतिविधियां जारी रहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मंत्रालय ने इसके लिए अमेरिका को परमाणु हथियारों के ‘वर्टिकल प्रसार’ यानी हथियारों की संख्या और क्षमता बढ़ाने का मुख्य जिम्मेदार बताया।
उत्तर कोरिया ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने परमाणु निरस्त्रीकरण से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटते हुए अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाई है। मंत्रालय ने विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के साथ एयूकेयूएस सुरक्षा साझेदारी के तहत परमाणु तकनीक साझा करने का मुद्दा उठाया। उसका दावा है कि अमेरिका जापान, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और कनाडा जैसे अन्य सहयोगियों को भी इस तरह के सहयोग में शामिल करना चाहता है।
मेमोरेंडम में अमेरिका पर परमाणु परीक्षण दोबारा शुरू करने की तैयारी का भी आरोप लगाया गया। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ‘निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा’ का हवाला देकर परमाणु विस्फोट परीक्षण फिर शुरू करने की योजना बना रहा है, जबकि वह अन्य देशों के परमाणु परीक्षणों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय राय बनाने का प्रयास करता है। मंत्रालय के अनुसार, इससे परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ सकती है।
उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर अन्य देशों के क्षेत्रों में परमाणु हमले की क्षमता वाले हथियारों की तैनाती, दक्षिण कोरिया के साथ परमाणु सहयोग तंत्र विकसित करने और जापान को दी जाने वाली विस्तारित सुरक्षा में परमाणु घटक शामिल करने का भी आरोप लगाया। मंत्रालय ने दावा किया कि अमेरिका की नई परमाणु रणनीति में सामरिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंधों को कम करने की दिशा में विचार किया जा रहा है।
मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बियों से संबंधित अमेरिकी मंजूरी को भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु तकनीक के प्रसार का उदाहरण बताया। उसके अनुसार, इससे क्षेत्र की सैन्य और राजनीतिक स्थिति में अस्थिरता का एक नया कारक जुड़ सकता है।
उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय परमाणु व्यवस्था गंभीर दबाव में है। मंत्रालय ने दावा किया कि ऐसी स्थिति में उत्तर कोरिया को वैश्विक शांति और रणनीतिक स्थिरता की रक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है।