29 Sep 2026
प्रयागराज, 29 सितंबर (एजेंसी)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने भूपसिंह परमार की याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि बैंक की वसूली की सीमा पक्षकारों के बीच हुए अनुबंध के आधार पर तय की जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि वसूली की सीमा पर अंजनी कुमार बनाम जिला अधिकारी, रायबरेली केस में खंडपीठ द्वारा तय सिद्धांतों के अनुसार, पक्षकारों के बीच हुए अनुबंध करार के आलोक में विचार किया जाएगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि खंडपीठ ने हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा बैजंथ के निर्णय के प्रस्तर 47 और 49 पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड व अन्य बनाम बैजंथ व दो अन्य स्पेशल अपील में 09 सितंबर 2026 को पारित हुआ था।
कोर्ट ने कहा कि विपक्षी बैंक याची को ऋण खाते का विवरण और अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराएगा। साथ ही, बैंक मासिक किस्तें भी तय कर सकता है। इन टिप्पणियों के साथ याचिका निस्तारित कर दी गई।