29 Sep 2026
कोलकाता, 29 सितंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मंगलवार को कोलकाता में 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी और जब्ती की कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की जा रही है। कार्रवाई के दायरे में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन तथा उनसे जुड़े कुछ लोगों और संस्थाओं के परिसरों को भी शामिल किया गया है।
ईडी की जांच मासआर्ट यानी महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी की गतिविधियों और दुर्गा पूजा के प्रीव्यू कार्यक्रमों के लिए जुटाई गई धनराशि के लेन-देन से संबंधित बताई जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन कार्यक्रमों के नाम पर कितनी राशि एकत्र की गई, उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या धन के लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग अथवा अन्य वित्तीय अनियमितता हुई।
यूनेस्को से जुड़ाव के दावे की भी जांच
मामले की पृष्ठभूमि में मासआर्ट पर यह आरोप लगाया गया था कि संस्था ने स्वयं को यूनेस्को से जुड़ी या आधिकारिक साझेदार संस्था के रूप में प्रस्तुत करते हुए लोगों से धन जुटाया। शिकायतों के अनुसार, संस्था ने दुर्गा पूजा के चुनिंदा पंडालों में ‘प्रीव्यू शो’ के लिए टिकट अथवा पास जारी किए थे।
जून 2026 में कोलकाता पुलिस में दर्ज शिकायत के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। शिकायत में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन तथा मासआर्ट के कुछ पदाधिकारियों के नाम लिए गए थे। आरोप लगाया गया था कि यूनेस्को के नाम और दुर्गा पूजा की अंतरराष्ट्रीय पहचान का इस्तेमाल कर महंगे ‘प्रीव्यू शो’ पास बेचे गए।
2022 से विवाद के घेरे में आया था प्रीव्यू शो
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मासआर्ट ने 2022 के बाद दुर्गा पूजा से पहले चुनिंदा पंडालों के लिए प्रीव्यू कार्यक्रम आयोजित किए थे। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि इन कार्यक्रमों में टिकटों के जरिए धन जुटाया गया और कुछ वर्षों में प्रति टिकट हजारों रुपये तक की राशि ली गई।
हालांकि, मासआर्ट के पदाधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है। संस्था की ओर से कहा गया था कि उसके पास यूनेस्को की भागीदारी तथा पूजा समितियों और कलाकारों को दी गई वित्तीय सहायता से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने भी मासआर्ट से व्यक्तिगत तौर पर जुड़े होने से इनकार करते हुए कहा था कि उनकी पत्नी संस्था की सदस्य के रूप में जुड़ी थीं।
अब ईडी खंगाल रहा वित्तीय लेन-देन
ईडी की मौजूदा कार्रवाई में संबंधित परिसरों से दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि प्रीव्यू शो और अन्य गतिविधियों के नाम पर जुटाए गए धन का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किस तरीके से हुआ।
समाचार लिखे जाने तक जांच एजेंसी की तलाशी जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल ईडी की ओर से जांच के अंतिम निष्कर्ष या किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध होने की घोषणा नहीं की गई है।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि जून में दर्ज पुलिस शिकायत के बाद पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था।