30 Sep 2026
मेरठ, 30 सितंबर (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों को दोषी करार देने के बाद सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत अब 14 अक्टूबर को सजा सुनाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जेल में बंद दोनों आरोपितों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, लंदन में नौकरी करने वाला सौरभ 24 फरवरी 2025 को मेरठ स्थित घर लौटा था। आरोप है कि उसके लौटने के बाद मुस्कान और साहिल के संबंधों में सौरभ बाधा बन रहा था, जिसके चलते दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची। तीन मार्च की रात सौरभ के खाने में नशीली दवा मिलाने और उसके बेसुध होने के बाद साहिल को घर बुलाने का आरोप है। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव के टुकड़े कर पॉलीथीन में लपेटे गए और एक बड़े नीले प्लास्टिक ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से सील कर दिया गया। अभियोजन ने मामले में चिकित्सकीय, फॉरेंसिक और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सौरभ की मौत अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक से होने की बात कही गई।
बचाव पक्ष ने मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने तथा संपत्ति विवाद के चलते आरोपितों को फंसाए जाने की दलील दी। हालांकि, अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी माना। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे ने बताया कि अभियोजन ने मामले की गंभीरता और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है।
सौरभ के भाई की तहरीर पर 18 मार्च 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। मामले में अदालत के दोषसिद्धि के फैसले के बाद अब सजा को लेकर अगली सुनवाई पर नजर है।