30 Sep 2026
नई दिल्ली, 30 सितंबर (एजेंसी)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सात दिनों की मोहलत दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने सुनवाई के दौरान सीबीआई के अनुरोध पर यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
इससे पहले 25 सितंबर को कोर्ट ने सभी आरोपितों की न्यायिक हिरासत आज तक बढ़ाई थी। कोर्ट ने 25 सितंबर को दो आरोपितों की ओर से आरोप तय करने पर दलीलें सुनी थीं। सुनवाई के दौरान इस मामले के सभी आरोपित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिय पेश हुए। इसके पहले कोर्ट ने 16 सितंबर को आरोपित डॉ. मनोज शिरुरे के इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए बैंक स्टेटमेंट निकलवाने के लिए हस्ताक्षर करने की अनुमति दी थी। कोर्ट आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने पर सुनवाई कर रहा है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरोपित धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने धनंजय लोखंड पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाने का आदेश दिया। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 22 अगस्त को धनंजय लोखंडे की अरेस्ट मेमो देने की मांग करने वाली अर्जी खारिज कर दी थी। इसके पहले कोर्ट ने 14 अगस्त को सीबीआई को इस मामले की आगे और जांच करने की अनुमति दी थी। 12 अगस्त को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से 13 आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
सीबीआई ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की धारा 10 ,धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की था। चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया था कि इस मामले में 12 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके तुरंत बाद 72 अफसरों और आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरु की गई। सीबीआई ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और दूसरे राज्यों के 92 स्थानों पर छापे मारे थे। इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को की गई थी।