04 Nov 2026
नई दिल्ली, 04 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को बाल श्रम निरोधक संशोधन कानून के प्रावधानों के कार्यान्वयन की निगरानी करने और इसके लिए एक विशेष सेल गठित करने का निर्देश दिया है। जस्टिस एसवीएन भट्टी की अध्यक्षता वाली बेंच ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह राज्यों के मुख्य सचिवों के माध्यम से संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करे।
न्यायालय ने यह आदेश 2009 में एनजीओ 'हेल्थ फॉर मिलियंस' की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। मंत्रालय को यह भी आदेश दिया गया है कि वह राज्यों के मुख्य सचिवों के माध्यम से संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को कानून का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ संशोधनों को स्वीकार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाल एवं किशोरों के अधिकारों की रक्षा के लिए ग्राउंड लेवल पर इसे पूरी तरह प्रभावी बनाना उनका कर्तव्य है।
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने न्यायालय को बताया था कि 2016 में कानून (संशोधन अधिनियम संख्या 35, 2016) में किए गए बदलावों के बाद याचिकाकर्ता की शिकायतें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं। इसके तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सभी व्यवसायों में काम पर रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए उच्चतम न्यायालय ने मूल याचिका का निपटारा करते हुए यह सख्त निगरानी तंत्र बनाने का फैसला सुनाया।