04 Nov 2026
नई दिल्ली, 04 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बुधवार को अभिनेता सनी देओल की आने वाली हिंदी फिल्म 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी, क्योंकि डॉक्टरों के समुदाय ने पहले ही एक अन्य रिट याचिका के जरिए यह मुद्दा उठाया है, जो अभी सिंगल बेंच के समक्ष लंबित है। यह फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
डिवीजन बेंच ने कहा कि भले ही ये याचिकाकर्ता भी डॉक्टर हैं, फिर भी हमें कार्यवाही को कई हिस्सों में बांटने का कोई कारण नहीं दिखता। डिवीजन बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता सिंगल जज के सामने चल रही कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं। साथ ही, उन्हें अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने की छूट भी दी गई।
ये याचिका डॉ. नचिकेता भाटिया और डॉ. ध्रुव चौहान ने दायर की थी। इसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर में डॉक्टरों के खिलाफ शारीरिक हिंसा को वीरतापूर्ण तरीके से दिखाया गया है, और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को अनुचित रूप से सामान्यीकृत किया गया है।
सिंगल बेंच ने 2 नवंबर को संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनसे इस याचिका पर जवाब मांगा था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाया गया है और इससे स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा मिलता है। डिवीजन बेंच के समक्ष दाखिल याचिका में कहा गया था कि यह फिल्म सार्वजनिक कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है। उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को दिशानिर्देश देने की मांग की थी कि वे फिल्म की जांच करें और इसमें मौजूद कथित आपत्तिजनक दृश्यों या संवादों को हटा दें या उनमें बदलाव करें।
सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने पूछा कि वे इस याचिका पर सुनवाई क्यों करें, जबकि हाई कोर्ट की एक अन्य बेंच के सामने पहले से ही ऐसी ही एक याचिका लंबित है, तो याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और एक रिट याचिका की तुलना में जनहित याचिका का दायरा अधिक व्यापक होता है।