इंद्रप्रस्थ न्यूज – ताज़ा हिंदी खबरें | राष्ट्रीय, राज्य, खेल, बिज़नेस ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज
ताजा खबरें सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ की संपत्ति का मामला फिर उलझा, प्रतिमा राणा के उपस्थित नहीं होने से टली सुनवाई राशिफल : 05 नवंबर, 2026 पंचांग : 05 नवंबर, 2026 दिल्लीः ट्रांस-यमुना बोर्ड की बैठक में 1090 नए विकास प्रस्तावों पर विचार, 110 करोड़ जारी पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर सीएक्यूएम सख्त, 12 जिलों के अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश सड़क हादसे में मददगार बने जबलपुर कलेक्टर, पलटे ऑटो में फंसे यात्रियों को निकाला, घायलों को पहुंचाया अस्पताल सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मिली सहमति नौ वर्षीय छात्रा की स्कूल में अचानक मौत, कार्डियक अरेस्ट का दावा पत्रकार की पत्नी के इलाज का खर्च देने से सरकार नहीं कर सकती इनकार बिहार में ई-कैबिनेट व्यवस्था से फैसले लेने की प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी : सम्राट चौधरी सुपौलः सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हंगामा, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार; तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी का आरोप यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में दिखेंगे नए रंग, मुख्य कवर पर होगा क्यूआर कोड मेरठ : एशिया की रैंकिंग में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की बड़ी छलांग, 694वें स्थान पर पहुंचा महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी के लिए श्रीलंका की 14 सदस्यीय टीम घोषित डब्ल्यूपीएल-2027 का कार्यक्रम घोषित, वडोदरा और मुंबई में होंगे मुकाबले माई भारत पोर्टल पर शुरू हुई ‘खेलो भारत’ क्विज, 20 नवंबर तक चलेगी रणजी मैच : रोहन राजभर के शतक और लोमरोर के 97 रन से राजस्थान ने हिमाचल को दिया 447 रन का बड़ा लक्ष्य रक्षा खडसे डब्ल्यूएएफ के सर्वोच्च सम्मान ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित भारत ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराया, कोहली ने जड़ा अर्धशतक नेपाल आये भारतीय विदेश सचिव ने की द्विपक्षीय वार्ता, पीएम बालेन्द्र शाह के भारत भ्रमण के एजेंडे पर हुई चर्चा मोबाइल ठीक कराने गई नाबालिग की निजी तस्वीरों से ब्लैकमेल करने का आरोप, दो दुकानदार गिरफ्तार कानपुरः जमीनी विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग, चार घायल उज्जैनः मोबाइल नंबर नहीं दिया तो छात्र को घर से उठाकर पीटा, चार आरोपित आरोपित सेबी ने नवीनीकरण शुल्क नहीं देने पर आठ निवेश सलाहकारों का पंजीकरण किया रद्द रिजर्व बैंक ने वित्तीय बाजारों के लिए गठित की तकनीकी सलाहकार समिति
सीबीआई के 6 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर हाई कोर्ट की रोक

सीबीआई के 6 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर हाई कोर्ट की रोक

04 Nov 2026


नई दिल्ली, 04 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई के छह पूर्व और मौजूदा अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के अपने आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि इस निर्देश पर फिलहाल रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी, 2027 को होगी।


जस्टिस मधु जैन ने 6 अक्टूबर को सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। इन अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने एक मामले में भारतीय राजस्व सेवा के एक पूर्व अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देते समय सरकार के साथ हुए पत्राचार के बारे में अदालत के सामने झूठे बयान दिए थे। कोर्ट ने अशोक कुमार अग्रवाल की याचिका को स्वीकार कर लिया था और सीबीआई के स्पेशल जज को निर्देश दिया था कि वे सुशील दीवान, विनीत विनायक, अमित कुमार, रमन त्यागी, प्रेम कुमार गौतम और मोहम्मद आजाद के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करें, लेकिन जस्टिस मिनी के ताजा आदेश में कहा गया है कि इस निर्देश पर फिलहाल रोक रहेगी।


जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने यह आदेश तब पारित किया, जब सीबीआई के दो पूर्व अधिकारियों सुशील दीवान और रमन त्यागी ने आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए याचिका दायर की। याचिका में कहा गया था कि यह फैसला उनकी बात सुने बिना ही दिया गया था। अपील में केवल दीवान ही एक पक्ष थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत ई-मेल आईडी पर नोटिस भेजा गया था। बाकी पांच आरोपितों को तो कभी कोई नोटिस ही नहीं भेजा गया था।


मामला अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए एक केस से जुड़ा है, जिसमें उन पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति रखने का आरोप था। जनवरी, 2016 में उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को अमान्य करार दिया था, जिसके बाद उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया गया। इसके बाद सीबीआई ने इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने पर विचार किया। हालांकि, जून, 2016 में कानून और न्याय मंत्रालय ने अपनी राय दी कि इस मामले को आगे बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं है। बाद में जब अग्रवाल ने जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज वापस मांगे, तो सीबीआई ने 2 अगस्त, 2016 के अपने जवाब में कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है।


हालांकि, उच्च न्यायालय ने पाया कि ऐसी कोई बातचीत नहीं चल रही थी। इसकी बजाय, सीबीआई आंतरिक रूप से इस बात पर विचार कर रही थी कि क्या फैसले पर पुनर्विचार की मांग की जाए और कोई और कानूनी राय ली जाए। कोर्ट ने सीबीआई के जवाब के अलग-अलग ड्राफ्ट देखे और पाया कि एक शुरुआती ड्राफ्ट में साफ तौर पर लिखा था कि कार्मिक मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बाद में इस बात को हटा दिया गया और उसकी जगह हाथ से लिखा गया एक बयान जोड़ दिया गया कि मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही

Latest News