04 Nov 2026
नई दिल्ली, 04 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को कैलकुलेटर का उपयोग करने की अनुमति देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार, सीबीएसई और एनसीईआरटी को नोटिस जारी किया है। कार्यकारी चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों से छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को करेगा।
याचिका विशाल दुआ और अन्य अभिभावकों की ओर से अधिवक्ता नितिन मंगला के जरिये दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि गणित, अकाउंटेंसी और फिजिक्स जैसे विषयों में लंबी और जटिल गणनाएं करने में छात्रों का काफी समय बर्बाद हो जाता है। इसके कारण छात्र परीक्षा में अपनी वैचारिक औरतार्किक समझ को बेहतर ढंग से प्रदर्शित नहीं कर पाते हैं। याचिका में दलील दी गई कि सीबीएसई का कैलकुलेटर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना छात्रों के साथ अन्याय है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि नवंबर, 2024 में खुद सीबीएसई की पाठ्यक्रम समिति ने कक्षा 12वीं की अकाउंटेंसी परीक्षा में बेसिक कैलकुलेटर की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद दिसंबर, 2024 में इसे गवर्निंग बॉडी के समक्ष भी रखा गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी बोर्ड ने इसे लागू नहीं किया।
वर्तमान में सीबीएसई केवल 'डिस्कैलकुलिया' (गणितीय अक्षमता) से पीड़ित विशेष छात्रों को ही कैलकुलेटर की अनुमति देता है। याचिका में इस छूट का दायरा बढ़ाने की मांग की गई है। इस पर सीबीएसई के वकील ने कहा कि बोर्ड 204 विषयों की परीक्षा कराता है और इस नियम को बदलने के लिए एक विशेषज्ञ समिति की समीक्षा और व्यापक लॉजिस्टिक्स की आवश्यकता होगी।