30 Sep 2026
भोपाल, 30 सितम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज) । मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है। इसी सप्ताह प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी। सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से मानसून विदा होगा, इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से इसकी वापसी होगी। इससे पहले अगले तीन दिन कुछ इलाकों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
मौसम एवं विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजर रही है और अब मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का दौर कमजोर पड़ने लगा है। बुधवार को 19 जिलों में हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में धूप खिली रहेगी।
इन 19 जिलों में बारिश के आसार
बुधवार को बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना में हल्की बूंदाबांदी के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन और नीमच में मौसम साफ रहने और धूप खिलने की संभावना है।
इसके अलावा आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
1-2 अक्टूबर को भी कुछ जिलों में बूंदाबांदी
मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से बारिश वाले बादल छंटने की संभावना है। यानी 3 अक्टूबर के बाद प्रदेश में कहीं भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
जबकि अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी भी ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है। हालांकि प्रदेश में इस बार कुल बारिश का आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद कम है। मानसून की वापसी शुरू होने के साथ अब बारिश के दिनों में भी तेजी से कमी आने की संभावना है।