08 Oct 2026
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने दवाओं की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए फार्मा कंपनियों की ओर से डॉक्टरों को महंगे तोहफे और सुविधाएं देने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को एक विशेष कमेटी का गठन करने का आदेश दिया है। यह आदेश गुरुवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएमआरएआई) की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी, 2027 को होगी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केंद्र सरकार को तीन सदस्यीय एक कमेटी बनाने का आदेश दिया। कमेटी इसकी समीक्षा करेगी कि क्या फार्मास्युटिकल कंपनियों की मार्केटिंग के तौर-तरीकों को नियंत्रित करने के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने की जरूरत है। कमेटी इस मामले में आम जनता, डॉक्टरों, विशेषज्ञों और सम्बन्धित संस्थाओं द्वारा दिए गए सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशें सरकार को देगी। न्यायालय ने केंद्र सरकार को आदेश पर की गई कार्रवाई पर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
एफएमआरएआई की याचिका में मांग की गई है कि महंगे उपहारों के लिए फार्मा कंपनियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दवा कंपनियां डॉक्टरों को प्रभावित करने के लिए महंगे उपहार, विदेश यात्राएं और अन्य सुविधाएं देती हैं। इसके पहले एक दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि डॉक्टरों को महंगे उपहार देना कानून सम्मत नहीं है। न्यायालय ने कहा था कि फार्मा कंपनियां डॉक्टरों को महंगे उपहार देकर कानून से भाग नहीं सकती हैं।