08 Oct 2026
कोलकाता, 08 अक्टूबर (एजेंसी)। वरिष्ठ अधिवक्ता और माकपा नेता विकास रंजन भट्टाचार्य के आवास पर हमले की घटना को लेकर गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में त्वरित सुनवाई की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वकीलों की सुरक्षा पर उठाए गए कदमों को लेकर राज्य सरकार से शुक्रवार तक विस्तृत जवाब तलब किया है।
गुरुवार को अदालत का ध्यान इस घटना की ओर आकर्षित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि जो वकील राज्य सरकार का विरोध या आलोचना कर रहे हैं, वे बेहद असुरक्षित माहौल में हैं। उन्होंने विरोधस्वरूप कार्य बहिष्कार (सीज वर्क) का प्रस्ताव रखा। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने कार्य बहिष्कार पर असहमति जताते हुए स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के कार्य स्थगन का अंत तक विरोध करेंगे क्योंकि न्यायाधीश भी जीवन भर दिल से वकील ही रहते हैं। इस पर कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाया कि यह वकीलों का आंतरिक मसला नहीं है बल्कि बाहर से गुंडे आकर हमले कर रहे हैं; ऐसे में पुलिस और खुफिया तंत्र क्या कर रहा है?
अदालत में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पीठ को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि पिछली सरकार के कार्यकाल में तो एक मौजूदा न्यायाधीश के घर के बाहर भी नारेबाजी की गई थी।
अदालत में यह मुद्दा भी उठाया गया कि इससे पहले वकील कल्याण बनर्जी और शमीम अहमद पर भी हमले हो चुके हैं और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।
खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वकीलों पर हो रहे हमलों के मद्देनजर अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी शुक्रवार को अदालत के समक्ष रखी जाए। साथ ही अदालत ने यह व्यावहारिक टिप्पणी भी की कि उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है लेकिन प्रत्येक अधिवक्ता के घर पर पुलिस तैनात करना संभव नहीं है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह पूर्व जादवपुर स्थित विकास रंजन भट्टाचार्य के आवास पर मुंह पर कपड़ा बांधे एक बदमाश ने हमला कर दिया था। उसने शराब की खाली बोतल फेंककर खिड़की के शीशे तोड़ दिए और वरिष्ठ नेता का नाम लेकर अपशब्द कहे। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस हमले की चारों तरफ निंदा हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसके बाद अब यह मामला अदालत के दरवाजे तक पहुंच गया है।