03 Nov 2026
नई दिल्ली, 03 नवंबर (इंंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आज दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में गड़बड़ियों के मामले में आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले में फैसला टाल दिया है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने अब 28 नवंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि फैसला अभी तैयार नहीं हुआ है। इसलिए अब 28 नवंबर को फैसला सुनाया जाएगा।
कोर्ट ने सभी 11 आरोपियों को 28 नवंबर को फैसला सुनाने के पहले सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया। कोर्ट ने 17 अक्टूबर को सभी पक्षों की दलीलें फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने 1 मार्च 2023 को सभी आरोपियों को जमानत दी थी। 3 नवंबर 2022 को कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2), 13((1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में 23 नवंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने 21 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई के मुताबिक दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गड़बड़ियां की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
दिल्ली वक्फ बोर्ड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले चुकी है। ईडी ने 9 जनवरी 2024 को चार्जशीट दाखिल की थी । करीब पांच हजार पेजों के चार्जशीट ने ईडी ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है उनमें जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर हैं। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपी बनाया है।