07 Nov 2026
जोधपुर, 07 नवम्बर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़ऩ मामले में गिरफ्तार प्रोफेसर अजीत सिंह को अदालत से अब तक कोई राहत नहीं मिली है, न्यायालय ने अपने फैसले में इसे गंभीर अपराध माना है और कहा है कि गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को देखते हुए प्रोफेसर को कोई राहत देने का औचित्य नहीं है।
अनुसंधान के दौरान आरोपित के कब्जे से फोन बरामद किया गया, तथा अनुसंधान पत्रावली पर व्हाट्सप व इंस्टाग्राम की चेट भी उपलब्ध है जिससे यह प्रथमदृष्ट्या प्रतीत होता है कि प्रोफेसर द्वारा छात्राओं को लैंगिक उत्पीडऩ के लिए परेशान किया जा रहा है। पीडि़त छात्राओं की ओर से अधिवक्ता एमएस राजपुरोहित ने न्यायालय को बताया कि जडॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय पढ़ रही छात्राएं आयुर्वेदिक डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही है तथा आरोपित वहां पर प्रोफेसर के रूप में नियुक्त है जिसके द्वारा प्रायोगिक परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर छात्राओं को अकेले कमरे में बुलाता है, उनके कपड़ों पर अश्लील टिप्पणी करता है उनसे फिजिकल संबंध बनाने की कोशिश करता हैं। उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के मदेनजर प्रोफेसर को न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है तथा किसी कोर्ट ने अब तक उसे जमानत प्रदान नही की है ऐसी स्थिति में छात्राओं के यौन उत्पीडऩ के आरोपित प्रोफेसर की दीवाली इस बार जेल में ही कटेगी।