07 Nov 2026
-राम भारत के प्राण हैं भारत केआत्मसम्मान हैं : याेगी आदित्यनाथ
अयोध्या, 07 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। देश के उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को राम की नगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। दीपोत्सव पर 30 लाख दीये सरयू नदी के 56 घाटों पर प्रज्जवलित किये जा रहे हैं। समूची राम नगरी वेदमंत्रों, शंख ध्वनि और जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान रही। इस आयोजन के लिए रामनगरी को त्रेतायुग की तरह जगह-जगह चौक पूरना, रंगोली और ध्वजों, तोरणद्वारों से सजाया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत बडी संख्या में साधु-संत और आचार्य इस भव्य दीपोत्सव के साक्षी बने।
मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रामकथा पार्क में आयोजित दीपोत्सव समारोह का शुभारंभ करते हुए श्रीराम का उद्घोष किया और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अयोध्यावासियों, साधु-संतों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भगवान श्री राम का जीवन हमें सिखाता है कि आदर्श जीवन कर्तव्य निभाने से होता है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम ने अपने जीवन में व्यक्तिगत हितों, निजी हितों से ऊपर उठकर प्रजा हितों को सर्वोच्च माना। इसीलिए हम उन्हें भगवान कहते हैं। उन्हाेंने कहा कि शताब्दियों के संघर्ष के बाद भगवान राम का मंदिर हम सबके सामने हैं। मर्यादा पुरुषोत्म राम हम सबके लिए आदर्श हैं।
उन्हाेंने कहा कि आज मंदिर में दर्शन के बाद मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से ऐसी दिव्यता अयाेध्या में आयी है और मंदिर निर्माण कारसेवकाें व साधु-संतों के त्याग से हुआ है। उन्हाेंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने राम कथा, रामायण लिखकर दुनिया को एक संदेश दिया। उन्हाेंने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या को एक अंतरराष्ट्रीय शहर बना दिया है। आज का दीपोत्सव एक सामान्य नहीं है प्रत्येक भारतीय के घर में है। इससे संदेश जाएगा कि प्रत्येक परिवार में उजाला फैलाने वाला है। दीपावली के अवसर पर भगवान श्री राम के आदर्शों पर चल कर समाज व राष्ट्र के हित में काम करते हुए भारत काे विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंचाएंगे।
इसके पहले उपराष्ट्रपति ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भव्य रूप से सजाये गये राम दरबार में प्रभु श्री राम,अनुज लक्ष्मण, माता सीता, रामभक्त हनुमान का तिलक लगाकर स्वागत किया। भगवान राम का राज तिलक कर आरती उतारी। उन्होंने सभी साधु संतों, आचार्यों का अभिवादन किया।
इसके पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन यह सिखाता है कि आदर्श पुत्र, पिता,पति और शासन कैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम केवल एक विचार नहीं भारत की सांस्कृतिक धारा हैं। महर्षि वाल्मीकि और महाकवि तुलसीदास जी ने राम का जीवन से देश दुनिया को परिचित कराया है। अयोध्या की पहचान केवल मंदिरों से नहीं बल्कि यहां की लोककला, संस्कृति से भी है।
आज की अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण करा रहीः योगी
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के दिन जब हम अयोध्या धाम को देखते हैं तो हर कोई कहता है कि ऐसी ही त्रेतायुग में हाेगी। महाकवि तुलसीदास ने भी लिखा है कि अवधपुरी अति रुचिर बनाई वैसी ही आज है। प्रभु राम, मां जानकी, अनुज लक्ष्मण और हनुमान के साथ 14 साल बाद जब वनवास के बाद वापस आए होंगे तो ऐसा ही कुछ दृश्य रहा होगा। मुख्यमंत्री याेगी ने राम चरित मानस के विभिन्न प्रसंगों का जिक्र करते हुए कहा कि आज की अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराती है। उन्हाेंने कहा कि अयोध्या, सप्तपुरियों के बारे में सब जानते हैं लेकिन यह ताकत ऐसे ही नहीं हुई । वास्तव में राम की चेतना ही भारत की चेतना और संस्कार हैं। राम भारत के प्राण हैं। भारत के आत्मसम्मान हैं। यही कारण है कि सप्तपुरिया में अयोध्या को प्रथम पुरी की मान्यता दी गयी है। अयोध्या के कण-कण में, रोम रोम में राम विराजमान हैं। शताब्दियाें पहले भी कई चुनौतियां आयीं होंगी लेकिन उन चुनौतियों का सामना करना रामभक्तों, संतों,नागाओं, निहंगों समेत समाज के सभी वर्गों ने स्वीकार किया। विदेशी आक्रांताओं और 500 साल के गुलामी के कालखंड में मन में यह था कि श्री राम विराजमान हो पाएंगे या नहीं, लेकिन कारसेवकों व संतों ने बलिदान दिया और विहिप के अशोक सिंहल के नेतृत्व में यह संभव हुआ।
इस समाराेह के बाद उपराष्ट्रपति सभी अतिथि सरयू घाट पहुंच कर आरती की और दीपाेत्सव में 18 लाख दीपाें के प्रज्जवलन कर बनाए गए विश्व रिकार्ड काे भी देखा। इस अवसर पर प्रदेश के कई मंत्री और प्रमुख संत व धर्माचार्य, अतिथि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं रथ खींचकर किया भगवान का स्वागत
दीपोत्सव समाराेह से पूर्व त्रेतायुग की परंपरा को साकार करते हुए भगवान श्री सीताराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप पुष्पक विमान रूपी हेलिकॉप्टर से रामकथा पार्क के निकट बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ भगवान के स्वरूपों की अगवानी की। इसके बाद भगवान श्री सीताराम के स्वरूप रथ पर सवार होकर रामकथा पार्क पहुंचे। खास बात यह रही कि इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ स्वयं रथ खींचकर भगवान का स्वागत किया। त्रेतायुग की इस परंपरा के सजीव मंचन ने श्रद्धालुओं को रामराज्य की स्मृतियों से जोड़ दिया।