इंद्रप्रस्थ न्यूज – ताज़ा हिंदी खबरें | राष्ट्रीय, राज्य, खेल, बिज़नेस ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज
ताजा खबरें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां \'रूपी सोरेन\' का निधन, शोक की लहर लगातार दूसरे दिन दिल्ली में सियासी घमासान, राहुल-प्रियंका फिर हिरासत में, देर रात रिहाई पटना-लखनऊ इंडिगो फ्लाइट पर आसमानी बिजली गिरी, लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग; बड़ा हादसा टला दिल्ली के सीमापुरी में बहुमंजिला इमारत ढही, एक बच्चे की मौत, आठ घायल वृंदावन गुरुकुल में चार छात्रों की मौत मामले में फरार संचालक गिरफ्तार हैदराबाद में आईजीपीएल कृष्णा इनविटेशनल का आगाज, पांच गोल्फर 5-अंडर के साथ संयुक्त बढ़त पर बुंदेलखंड में गूंजी चीतों की दहाड़, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बना प्रदेश का तीसरा चीता आवास स्मृति ने हरमनप्रीत को सफल कप्तानी कार्यकाल के लिए दी बधाई, कहा- आपके नेतृत्व में खेलना सुखद रहा श्रेयस अय्यर टी20 रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ सातवें स्थान पर, वनडे में शुभमन गिल शीर्ष पर कायम अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ क्यू स्पोर्ट्स चैंपियनशिप शुरू, 42 देशों के 144 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा प्रमोद भगत और भाविना पटेल एशियाई पैरा खेलों में होंगे भारत के ध्वजवाहक आईओए ने 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक की मेजबानी के लिए ‘साथ बढ़ते भारत’ की परिकल्पना रखी राष्ट्रपति ने हिडिंबा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना देश की जनता जानती है कि कौन झूठ बोलकर कर रहा है नाटक : राजनाथ सिंह उप्र में प्रशासक बने प्रधानों का मानदेय बंद, प्रधान संघ में नाराजगी कभी यूपी में अराजकता के तांडव की दिखती थी डरावनी तस्वीर, अब माफिया मिट्टी में मिल गए : मुख्यमंत्री योगी काशी में 'नमो बुक फेस्ट' का शुभारंभ, 25 वर्षों के कार्यकाल से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी जबलपुर में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, घंटाघर पर रातभर धरने का ऐलान कपड़ा व्यवसायी की कार पर तीन राउंड फायरिंग, बाल-बाल बची जान दिनदहाड़े छात्रा की गोली मारकर हत्या, प्रेमी पर संदेह बाद में की गई औपचारिक गिरफ़्तारी और रिमांड पहले की गैर-कानूनी हिरासत को वैध नहीं बना सकती : हाईकाेर्ट शाहरुख का गुरुमंत्र आज भी मानते हैं अभिषेक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'इक्का-2' में लौटेंगे सनी देओल, अक्षय खन्ना बाहर नीट पेपर लीक मामले के सभी आरोपितों की न्यायिक हिरासत 14 अक्टूबर तक बढ़ी सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद पर शिंदे गुट ने कहा- 2011 के बाद पार्टी का कोई भी संविधान निर्वाचन आयोग को नहीं सौंपा गया

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद पर शिंदे गुट ने कहा- 2011 के बाद पार्टी का कोई भी संविधान निर्वाचन आयोग को नहीं सौंपा गया

07 Oct 2026

नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद मामले पर सुनवाई के दौरान बुधवार को एकनाथ शिंदे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि शिवसेना के 2011 के संविधान के बाद कोई भी संविधान कभी निर्वाचन आयोग को सौंपा गया था। मामले पर कल भी सुनवाई होगी।


कौल ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने खुद दो आदेशों में कहा है कि उसके पास पार्टी का जो एकमात्र संविधान मौजूद था, वह 2011 का संविधान ही था, जिसे निर्वाचन आयोग को सौंपा गया था। कौल ने दलील दी कि निर्वाचन आयोग ने खुद अपने दो आदेशों में यह स्पष्ट किया है कि उसके पास पार्टी का जो एकमात्र वैध संविधान रिकॉर्ड में मौजूद था, उसी के आधार पर विचार किया गया।


कौल ने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट का यह कहना गलत है कि निर्वाचन आयोग ने शिवसेना के संविधान के आधार पर फैसला नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अयोग्यता की अर्जी दाखिल करना और निर्वाचन आयोग का फैसला दोनों अलग-अलग कानूनी मसले हैं। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि निर्वाचन आयोग अपना फैसला करने से पहले अयोग्यता पर लोकसभा के स्पीकर के फैसले का इंतजार करे।


इससे पहले 6 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान एकनाथ शिंदे गुट के वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सांसदों और विधायकों की राय के आधार पर फैसला किया है, जो सही है। इस पर न्यायाधीश जॉयमाल्य बागची ने पूछा कि क्या शिवसेना का धनुष बाण चुनाव चिह्न उन सांसदों-विधायकों को मिलना चाहिए, जिनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही चल रही है? इस पर कौल ने उच्चतम न्यायालय के कई फैसलों का हवाला दिया, जिसमें बहुमत के आधार पर पार्टी सिम्बल आवंटित किए गए।


इसके पहले सुनवाई के दौरान शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की ओर से कहा गया था कि निर्वाचन आयोग की ओर से एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष बाण का चिह्न आवंटित करने का फैसला गैरकानूनी था। निर्वाचन आयोग के फैसले ने पार्टी के लोकतंत्र को कमतर आंकते हुए मूल पार्टी से अलग हुए विधायकों को इनाम दे दिया।


उद्धव गुट की ओर से कहा गया था कि विधायक दल में बहुमत का ये मतलब नहीं है कि उनका पूरी पार्टी और संगठन पर कब्जा होगा। निर्वाचन आयोग द्वारा बागी गुट को मान्यता देने से मुख्य पार्टी के सदस्यों और संगठन के प्रतिनिधियों की आवाज को दबा दिया गया। सुनवाई के दौरान एकनाथ शिंदे गुट की ओर से कहा गया कि उनके पास ही पार्टी संगठन और विधायकों के बीच वास्तविक बहुमत है और निर्वाचन आयोग का फैसला कानून को ध्यान में रखकर किया गया है।

Latest News