01 Oct 2026
प्रयागराज, 01 अक्टूबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उप्र के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने उनकी स्पेशल टीईटी परीक्षा में शामिल किए जाने की मांग को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को उन्हें टीईटी परीक्षा में शामिल न कराने के शासनादेश में कोई त्रुटि नहीं है। लंबे समय से शिक्षा मित्र राहत की मांग कर रहे हैं।
उप्र के शिक्षा मित्रों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। स्पेशल टीईटी 2026 में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग वाली याचिका अदालत ने आज खारिज कर दी। मामले में सुनवाई के बाद 24 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया था। आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता केवल इसलिए विशेष परीक्षा में शामिल होने का दावा नहीं कर सकते कि वो सामान्य टीईटी में बैठने के लिए योग्य हैं।
यह आदेश जस्टिस मंजू रानी चौहान ने याची वसीम अहमद सहित 220 लोगों की तरफ से दाखिल याचिकाओं पर पारित किया है।
कोर्ट ने माना कि शिक्षा मित्रों की कानूनी स्थिति नौकरी कर रहे शिक्षकों से अलग है और संविधान राज्य से उस अंतर को खत्म करने के लिए नहीं कहता जो किसी वैध कानूनी उद्देश्य पर आधारित हो।
क्या है स्पेशल टीईटी?
यूपी में उन शिक्षकों के लिए अलग से टीईटी आयोजित करने का फैसला लिया गया है, जो अभी सरकारी नौकरी कर रहे हैं और राज्य के तमाम स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया है। अगले एक साल में सभी को टीईटी पास करना होगा, ऐसा नहीं करने पर नौकरी चली जाएगी। ऐसे में यूपी सरकार ने हजारों टीचर्स को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए अलग से टीईटी यानी स्पेशल टीईटी आयोजित करने का ऐलान किया। इस परीक्षा में सिर्फ वही शिक्षक शामिल हो सकते हैं, जो सरकारी नौकरी पाकर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं.
शिक्षा मित्रों की क्या है मांग
पिछले लंबे समय से यूपी के शिक्षामित्र नौकरी पक्की करने की मांग कर रहे हैं। वहीं जब स्पेशल टीईटी का मौका आया तो उन्हें इससे भी बाहर रखा गया। ऐसे में अब उनकी मांग थी कि उन्हें भी इस पात्रता परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा। इसे लेकर प्रदर्शन भी हुए और हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई, लेकिन अब शिक्षा मित्रों को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कई शिक्षा मित्र ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी परीक्षा पास नहीं की है, ऐसे में उन्हें टीचर भर्ती में शामिल होने या फिर पक्का होने के लिए ये परीक्षा पास करनी जरूरी है।