06 Nov 2026
नई दिल्ली, 06 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले वकीलों और कोर्ट स्टॉफ को दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान मामले में बड़ी राहत दी है। जस्टिस सुमित महाजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की याचिका पर वकीलों और कोर्ट स्टॉफ को बीएस-6 मानक पूरा न करने वाले वाहनों का भी दिल्ली में उपयोग करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि ये छूट केवल कोर्ट के कार्यदिवस के दौरान ही मिलेगी।
सुनवाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने कहा कि कोर्ट स्टॉफ और वकील जरूरी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों को कोरोना की लहर के दौरान भी इस किस्म की छूट मिली हुई थी। उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने याचिका दायर कर वकीलों और कोर्ट स्टॉफ को दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान से छूट देने की मांग की थी। दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर, 2026 से 31 जनवरी, 2027 तक राजधानी में उन वाहनों की एंट्री पर रोक लगा रखी है, जो दिल्ली में पंजीकृत नहीं हैं और प्री-बीएस-6 एमिशन स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करते हैं।
याचिका में कहा गया था कि दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले वकील गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में रहते हैं। कई वकीलों के वाहन बीएस-6 मानक पूरा नहीं करते हैं। ऐसे में उन्हें कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने में अत्यंत कठिनाई होगी, क्योंकि अधिकांश वकीलों के पास एक ही वाहन है।