06 Nov 2026
नई दिल्ली, 06 नवंबर (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने तहलका के पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को अपने सहयोगी से बलात्कार मामले में दी गई दस साल की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने सजा निलंबित करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
उच्चतम न्यायालय ने 25 सितंबर को तेजपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए गोवा सरकार को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने भी सजा पर चार हफ्ते की रोक लगाई थी।
तरुण तेजपाल ने बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच के आदेश को चुनौती दी है। गोवा सरकार ने भी उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है। गोवा सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तरुण तेजपाल को उम्रकैद की सजा देने की मांग की है।
गोवा सरकार ने बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें तरुण तेजपाल को दो दोष के लिए 10-10 साल की कड़ी सजा साथ ही काटने का फैसला सुनाया है। गोवा सरकार ने कहा है कि समय बीत जाने का लाभ अपराधी को नहीं दिया जा सकता है। गोवा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए 25 अगस्त को उच्चतम न्यायालय ने तेजपाल को सरेंडर करने का आदेश दिया था।
6 अगस्त को बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच ने तरुण तेजपाल को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था। लेकिन उच्च न्यायालय ने तरुण तेजपाल को दस साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने कहा था कि घटना 13 साल पहले की है और इस दौरान तरुण तेजपाल की ओर से कोई आपराधिक कृत्य की जानकारी नहीं है।