17 Mar 2026
नई दिल्ली, 17 मार्च (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा से जन विश्वास विधेयक को वापस ले लिया। लोकसभा की चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद इस विधेयक को फिर से पेश किया जाएगा। इस बिल का उद्देश्य विश्वास-आधारित शासन को और बढ़ावा देने के लिए कुछ कानूनों में संशोधन करके अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और उन्हें तर्कसंगत बनाना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज सदन की अनुमति लेने के बाद प्रवर समिति द्वारा रिपोर्ट किए गए 'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025' को वापस ले लिया। इससे पहले गोयल ने लोकसभा में 'जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025' को वापस लेने का प्रस्ताव रखा। यह विधेयक छोटे व्यावसायिक अपराधों को अपराधमुक्त करने और व्यापार करने में सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) बढ़ाने के लिए 2025 में पेश किया गया था, जिसे अब वापस लिया जा रहा है। इस बिल का उद्देश्य 'जीवन जीने में आसानी' (इज ऑफ लिविंग) और 'व्यापार करने में आसानी' (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए विश्वास-आधारित शासन को और अधिक सुदृढ़ करना है।