09 Feb 2026
- दिल्ली उच्च न्यायालय को प्राथमिकता के आधार पर तीन महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वो कुलदीप सेंगर की सजा के खिलाफ दायर अपील पर प्राथमिकता के आधार पर तीन महीने में सुनवाई पूरी करें। सुनवाई के दौरान कुलदीप सेंगर के वकील सिद्धार्थ दवे ने कहा कि याचिकाकर्ता को इस मामले में 10 साल की सजा मिली है, जिसमें वो 7 साल और 7 महीने की सजा काट चुका है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सजा के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय 11 फरवरी को सुनवाई करने वाली है। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय को जल्द सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील महमूद प्राचा ने कहा उन्होंने इस मामले में सजा बढ़ाने के लिए याचिका दायर किया है। तब कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय दोनों की याचिका पर तीन महीने में सुनवाई पूरी करें। कुलदीप सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी। 19 जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने की मांग खारिज कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा था कि सेंगर को मिली 10साल की सजा में से साढ़े सात साल हिरासत में बीत चुके हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि सेंगर की दोषी करार देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में देरी की वजह खुद सेंगर ही है, क्योंकि उसने कई दूसरी याचिकाएं दायर कर रखी हैं।