18 Mar 2026
नई दिल्ली, 18 मार्च (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को मिली अंतरिम जमानत एक अप्रैल तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने 16 फरवरी को राजपाल यादव को आज तक की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान बुधवार काे राजपाल यादव कोर्ट रुम में उपस्थित थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को नियमित जमानत दी जाए, क्योंकि उन्हें आज तक की अंतरिम जमानत मिली है। उन्होंने कहा कि मुरलीधर प्रोजेक्ट्स को सवा चार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। इसके अलावा 25 लाख का डीडी भी सौंप दिया गया है। तब कोर्ट ने राजपाल यादव की अंतरिम जमानत एक अप्रैल तक बढ़ाते हुए उनके वकील से कहा कि एक अप्रैल को अगर वे अपनी याचिका पर सुनवाई करना चाहते हैं, तो समय सीमा का ध्यान रखेंगे। अगर इस मामले का निपटारा करना चाहते हैं, तो प्रस्ताव के साथ आइएगा। एक अप्रैल को सुनवाई टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजपाल यादव को कड़कड़डूमा कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। शिकायतकर्ता मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कोर्ट को बताया था कि राजपाल ने अप्रैल 2010 में फिल्म अता पता लापता पूरी करने के लिए कंपनी से मदद मांगी थी। 30 मई 2010 में दोनों के बीच करार हुआ और उन्होंने राजपाल यादव की कंपनी को 5 करोड़ का लोन दे दिया। करार के मुताबिक राजपाल को ब्याज सहित आठ करोड़ रुपए लौटाने थे। लेकिन वह पहली बार ये रकम नहीं लौटा सके। उसके बाद दोनों के बीच तीन बार करार का रिनिवल हुआ। 9 अगस्त 2012 को वह अंतिम करार में आरोपी राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता को 11 करोड़ 10 लाख 60 हजार 350 रुपए लौट आने की सहमति भी थी। राजपाल यादव की कंपनी यह भी पैसा देने में नाकाम रही। अपने बचाव में राजपाल यादव ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से कोई उधार नहीं लिया था। राजपाल यादव के मुताबिक मुरली प्रोजेक्ट की कंपनी में पैसा निवेश किया था। लेकिन कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी दलील को अस्वीकार करते हुए उन्हें चेक बाउंस का दोषी पाया था।