11 Feb 2026
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार काे राऊज एवेन्यू कोर्ट में कहा कि दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। केजरीवाल समेत दूसरे आरोपितों की ओर से आरोप तय करने पर आज दलीलें पूरी कर ली गयीं। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दलीलें रखने के लिए 12 फरवरी की तिथि नियत करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपितों की ओर से लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया। केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने ये दलीलें रखी। सुनवाई के दौरान हरिहरन ने कहा कि केजरीवाल सरकारी काम कर रहे थे। इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि केजरीवाल ने किसी से कहा हो कि साउथ लॉबी से पैसे मांगे। हरिहरन ने कहा कि केजरीवाल का नाम पहले तीन चार्जशीट में नहीं था। उनका नाम चौथे पूरक चार्जशीट में आया। चौथे पूरक चार्जशीट पहले के चार्जशीट की तरह ही था। वो केजरीवाल के खिलाफ आरोपों को लेकर केवल कट एंड पेस्ट था। वकील ने केजरीवाल के खिलाफ जांच करने की जरुरी अनुमति नहीं मिलने का भी सवाल उठाया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च, 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 10 मई को उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून, 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून 2024 को सरेंडर किया था। केजरीवाल को 26 जून, 2024 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने 10 मई, 2024 को छठी पूरक चार्जशीट दाखिल किया था जिसमें बीआरएस नेता के. कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया है। कोर्ट ने 29 मई को छठे पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। बता दें कि, 27 अगस्त, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने के. कविता को सीबीआई और ईडी के मामले में जमानत दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर, 2024 को केजरीवाल को सीबीआई के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई, 2024 को ईडी के मामले में अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।