12 Mar 2026
नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों को संपत्ति गिफ्ट के रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी से मिली छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह अपना पक्ष विधि आयोग के सामने रखे, वो कानून में उचित बदलावों की सिफारिश कर सकता है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 75 साल बाद आपको लगा कि यह कानून संविधान का उल्लंघन करता है। आप विधि आयोग जाइए, वे इस पर विचार कर फैसला करेंगे। याचिका वकील हरिशंकर जैन और निवेदिता शर्मा ने दायर की थी। याचिका में ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 129 को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस धारा के तहत मुस्लिम कानून के तहत दिए गए हिबा (गिफ्ट) पर अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और स्टाम्प ड्यूटी की जरूरत नहीं होती। यह छूट सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाती है और समानता के मूल अधिकार का खुला उल्लंघन है। इसके चलते संपत्ति के स्वामित्व में भ्रम होने के चलते बेवजह की मुकदमेबाजी बढ़ती है। ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।