18 Feb 2026
जोधपुर, 18 फरवरी (हि.स.)। राजस्थान के जोधपुर महानगर की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-5 अदालत ने वर्ष 2015 के सड़क दुर्घटना मामले में आरोपी चालक हैदर खान को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी रेखा चौधरी ने फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार, परिवादी मोहनराम ने 2015 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भतीजा, जो कक्षा 12 का छात्र और स्कूल वॉलीबॉल टीम का खिलाड़ी था, सुबह करीब 6.30 बजे अन्य खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट खेलने जा रहा था। डांगियावास बायपास रोड के पास वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्ट में चालक हैदर खान पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया था। दुर्घटना में कई छात्र घायल हुए थे और एक छात्र की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 23 गवाह और 45 दस्तावेज प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जहीर अब्बास और उम्मेद अली मेहर ने तर्क दिया कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से नहीं बल्कि टायर फटने के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के लिए ले जाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की थी और निर्देश रोडवेज बस से यात्रा करने के थे, लेकिन कोच द्वारा निजी वाहनों से ले जाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि जिस वाहन को हैदर चला रहा था उसमें सीमित संख्या में छात्र सवार थे। अनुसंधान अधिकारी से जिरह के दौरान जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध नहीं कर पाने पर आरोपी हैदर खान को बरी करने का आदेश दिया।