02 Feb 2026
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने मंडोली जेल से रची जा रही हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जेल में बंद कुख्यात बदमाश इरफान उर्फ छेनू पहलवान एक अहम सरकारी गवाह की टारगेट किलिंग की साजिश रच रहा था। पुलिस ने एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने सोमवार को बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि शास्त्री पार्क इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी है। इस पर 24 जनवरी की रात जेपीसी अस्पताल के पास दबिश दी गई, जहां से 22 वर्षीय अदीब को पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में अदीब ने खुलासा किया कि यह हथियार मंडोली जेल में बंद इरफान उर्फ छेनू पहलवान के निर्देश पर एक हत्या के लिए जुटाया गया था। जांच में सामने आया कि इस साजिश में पैसों की लेन-देन भी सुनियोजित तरीके से की गई थी। हत्या के लिए एडवांस रकम सीलमपुर के एक चाय स्टॉल के जरिए पहुंचाई गई। यह रकम छेनू पहलवान के करीबी उस्मान ने चाय स्टॉल मालिक को दी थी, जिसे आगे शूटर्स तक पहुंचाया जाना था। अदीब ने अपने दो साथियों फरमान एवं आमिर को भी इस वारदात में शामिल किया था। पुलिस ने अदीब की निशानदेही पर 26 जनवरी को फरमान और 27 जनवरी को उस्मान को गिरफ्तार किया। इसके बाद 28 जनवरी को जेल में बंद इरफान उर्फ छेनू पहलवान को भी इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। संगठित अपराध की धाराओं को देखते हुए मामले में बीएनएस की धारा 5561(2) भी जोड़ी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इरफान उर्फ छेनू पहलवान का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। वर्ष 2003-04 से वह लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में संलिप्त रहा है। वर्ष 2010 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या भी की थी। वर्ष 2023 में एनआईए ने उसे टेरर-गैंगस्टर-ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े एक मामले में भी आरोपित बनाया था। फिलहाल स्पेशल सेल की टीम पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टारगेट किया गया ‘अहम गवाह’ कौन था और बरामद हथियार कहां से लाया गया। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।