07 Feb 2026
नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर ने उच्चतम न्यायालय में जमानत याचिका दायर की है। उच्चतम न्यायालय 9 फरवरी को कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। कुलदीप सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने 19 जनवरी को इस मामले में कुलदीप सेंगर की सजा निलंबित करने की मांग खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि सेंगर को मिली 10 साल की सजा में से साढ़े सात साल हिरासत में बीत चुके हैं। सेंगर को दोषी करार देने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में देरी की वजह खुद सेंगर ही हैं, क्योंकि उसने कई दूसरी याचिकाएं दायर कर रखी हैं। इस मामले में 16 दिसंबर 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपितों को भी 10-10 साल की कैद और 10-10 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी। दुष्कर्म पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल 2018 को मौत हो गई थी। 4 जून 2017 को दुष्कर्म पीड़िता ने जब कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था उसके बाद कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी। 20 दिसंबर 2019 को पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया है।