13 Mar 2026
नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने संसद सुरक्षा चूक की आरोपित नीलम आजाद की जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए उसे अपने गृह जिले हरियाणा के जींद में रहने की इजाजत दे दी है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने ये आदेश दिया। सुनवाई के दौरान नीलम आजाद के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता गरीब परिवार से है और वो एलएलबी करना चाहती है। वो हरियाणा स्थित अपने गांव जींद में रहना चाहती है। कोर्ट ने गौर किया कि नीलम आजाद को 2 जुलाई, 2025 को जमानत मिली थी। उसके बाद से उसने जमानत की शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। कोर्ट ने नीलम आजाद को जींद रहने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि जींद जाने से पहले जांच अधिकारी को सूचित करना होगा। कोर्ट ने पहले की जमानत शर्तों में कहा था कि नीलम आजाद हर हफ्ते की संबंधित थाने में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे रिपोर्ट करेगी। अब उच्च न्यायालय ने जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए हर महीने की 15 तारीख को संबंधित जांच अधिकारी को रिपोर्ट करने का आदेश दिया। संसद की विजिटर गैलरी से 13 दिसंबर, 2023 को दो आरोपित चैंबर में कूदे। कुछ ही देर में एक आरोपित ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की। कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया। संसद के बाहर भी दो लोग नारेबाजी करते पकड़े गए और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे।