23 Jan 2026
नई दिल्ली, 23 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर की पारिवारिक ट्रस्ट आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग पर सुनवाई की। जस्टिस विकास महाजन बेंच ने शुक्रवार काे सभी पक्षों को लिखित नोट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी।
रानी कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि आरके फैमिली ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं। याचिका में कहा गया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट का गठन बिना याचिकाकर्ता की जानकारी या सहमति के किया गया। इसी वजह से याचिकाकर्ता को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। ट्रस्ट की सारी संपत्ति उनकी थीं लेकिन ट्रस्ट का गठन करते समय उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। ट्रस्ट के गठन के समय उन्हें हार्ट का स्ट्रोक आया था जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब थी।
रानी कपूर ने कहा है कि ट्रस्ट के कागजात पर हस्ताक्षर बिना उसका कंटेंट जाने करा लिया गया। कुछ सादे कागजों पर उनके हस्ताक्षर ले लिए गए। रानी कपूर ने ये आरोप संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर पर लगाए हैं। रानी कपूर ने याचिका दायर कर कहा है कि इन संदिग्ध परिस्थितियों में बनाए गए आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग किया जाए।
उच्च न्यायालय में पहले ही एक याचिका दायर की जा चुकी है जिसमें संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति में करिश्मा कपूर के बच्चों ने हिस्सेदारी की मांग की गई है। उच्च न्यायालय उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। याचिका में करिश्मा कपूर के बच्चों ने मांग की है कि उन्हें संजय कपूर का प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी घोषित किया जाए और संजय कपूर की संपत्ति में से उन्हें पांचवें हिस्से का अधिकार दिया जाए। याचिका में अंतरिम मांग की गई है कि याचिका के निस्तारण तक संजय कपूर की व्यक्तिगत संपत्तियों को फ्रीज किया जाए।