11 Mar 2026
भावनगर, 11 मार्च (हि.स.)। गुजरात के भावनगर जिला को-ऑपरेटिव बैंक की सॉफ्टवेयर प्रणाली में घुसपैठ कर साइबर अपराधियों ने करीब 7 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह घटना रविवार की छुट्टी के दिन हुई। तलाजा, भरतनगर, सुभाषनगर और सिदसर शाखाओं के कुल 350 खातों से कई ट्रांजेक्शन किए गए। बैंक अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठगों ने बैंक के सॉफ्टवेयर सिस्टम में मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रवेश किया और डेटा सिक्योरिटी को भेदते हुए खातों से रकम ट्रांसफर कर ली। मोबाइल से एक बार में अधिकतम 2 लाख रुपये ट्रांसफर की सीमा होने के कारण 350 से अधिक ट्रांजेक्शन कर यह रकम अलग-अलग बैंकों के खातों में भेजी गई। दो करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड के मामलों की जांच गांधीनगर स्थित स्टेट साइबर सेल करती है इसलिए भावनगर जिला को-ऑपरेटिव बैंक ने इस मामले में स्टेट साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पूरी ठगी में चार अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया। बैंक के चेयरमैन रसिकभाई भिंगराडिया ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। बैंक की 88 शाखाएं और एक हेड ऑफिस है तथा लगभग 7 लाख खाताधारक जुड़े हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राहकों की जमा राशि सुरक्षित है और खाताधारकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल एहतियात के तौर पर बैंक की अन्य ट्रांजेक्शन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के बाद बुधवार से बैंकिंग सेवाएं दोबारा शुरू कर दी जाएंगी।