07 Feb 2026
भुवनेश्वर, 07 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शनिवार को ओडिशा के पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएमएस केवल एक श्रमिक संगठन नहीं है, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है। दूसरे दिन शनिवार को पहले सत्र में भाग लेते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि जब दुनिया का मजदूर आंदोलन गुमराह हो गया, तब भारतीय मजदूर संघ ने संगठन के रूप में नहीं, बल्कि वैचारिक आंदोलन के रूप में हमारे देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश और श्रमिक समाज को दिशा देने के लिए मैं भारतीय मजदूर संघ के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। श्रमिकों को राष्ट्र निर्माण की मुख्य आधारशिला बताते हुए प्रधान ने कहा कि भारतीय संविधान के आदर्शों के अनुरूप 'श्रम के सम्मान' के लिए भारतीय मजदूर संघ सदैव समर्पित रहा है। स्थापना काल से ही यह संगठन राष्ट्रहित, श्रमिक कल्याण, और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प के साथ कार्य करते हुए श्रमिकों के अधिकार, गरिमा और सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने में प्रशंसनीय भूमिका निभा रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनका स्पष्ट मानना है कि श्रम शक्ति को उसके सम्मान व अधिकारों से वंचित कर कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। यदि श्रम शक्ति को सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाए, तो देश की अर्थव्यवस्था दोगुनी गति से आगे बढ़ सकती है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कई वर्षों बाद श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है। सरकार मध्यान्ह भोजन योजना में कार्यरत 25 लाख सहायिकाओं, आंगनवाड़ी कर्मियों और आशा दीदियों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत में भारतीय मजदूर संघ के एक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना उनके लिए सौभाग्य की बात रही है। आज मजदूर संघ एक जिम्मेदार सामाजिक आंदोलन के रूप में उभरा है। यह संगठन श्रम को केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानते हुए संतुलित और समन्वित विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। प्रधान ने कहा कि श्रम कोड के साथ जिस साहसिकता के साथ भारतीय मजदूर संघ खड़ा हुआ है, उसके लिए मैं सरकार की ओर से मजदूर संघ के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।