12 Feb 2026
राउरकेला, 12 फरवरी (हि.स.)। भारतीय हॉकी के उभरते सितारे मनमीत सिंह ने एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025-26 के राउरकेला चरण में बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले से सीनियर भारतीय टीम के लिए अपना डेब्यू किया। 20 वर्षीय मिडफील्डर का यह सफर अनुशासन, निरंतर मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। पंजाब से ताल्लुक रखने वाले मनमीत सेना पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वयं आर्मी टीम के लिए हॉकी खेल चुके हैं और बचपन से ही उन्होंने मनमीत को इस खेल की बारीकियां सिखाईं। 11 साल की उम्र से शुरू हुआ यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। मनमीत पहली बार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने तमिलनाडु में आयोजित जूनियर विश्व कप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह गोल दागे और भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा हीरो हॉकी इंडिया लीग (HIL) के पिछले दो सत्रों में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्हें प्रो लीग के लिए भारतीय टीम में जगह मिली। अपने डेब्यू को लेकर मनमीत ने कहा कि भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने माना कि सीनियर टीम में जिम्मेदारियां ज्यादा हैं, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों का सहयोग युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार होता है। मिडफील्डर के रूप में अपनी भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका फोकस आक्रामक खेल के साथ-साथ टीम को संतुलन देने पर रहता है। जूनियर विश्व कप के दौरान मिले अनुभव और कोच पीआर श्रीजेश व बिरेंद्र लाकड़ा के मार्गदर्शन को उन्होंने अपने विकास में अहम बताया। हाल ही में संपन्न हॉकी इंडिया लीग में मनमीत ने कई अनुभवी और विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेला। उनका मानना है कि यह लीग युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का बड़ा मंच देती है, जहां अच्छा प्रदर्शन सीधे राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोल सकता है। तेजी से आगे बढ़ रहे अपने करियर के बावजूद मनमीत इसे सिर्फ शुरुआत मानते हैं। उनका अंतिम लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। उन्होंने कहा कि वह अपने खेल में लगातार सुधार कर उस सपने को पूरा करना चाहते हैं।