01 Mar 2026
नई दिल्ली, 01 मार्च (हि.स.)। ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई के अमेरिका और इजरायली हमले में मारे जाने पर देशभर के शिया समुदाय में काफी गुस्सा और गम देखा जा रहा है। देश के शिया बहुल क्षेत्रों कारगिल, लद्दाख, लखनऊ, बिजनौर आदि में इस घटना का विरोध करने के लिए शिया मुसलमान सड़कों पर उतरे और राजधानी दिल्ली में भी प्रदर्शन किया। जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन में भारत सरकार से मजलूम का साथ देने और सैयद अली खामेनेई के निधन पर शोक संदेश जारी करने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिया धर्म गुरुओं ने कहा कि भारत ने हमेशा मजलूमों का साथ दिया है और इस बार भी भारत सरकार को मजलूमों का साथ देना चाहिए। विरोध प्रदर्शन में खामेनेई के मारे जाने पर दुख और गम का इजहार किया गया। शिया धर्म गुरुओं ने इस मौके पर कहा कि अमेरिका और इजरायल के जरिए किए गए हमले में खामेनेई शहीद हुए और शहीद हमेशा जिंदा रहता है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे एक कायराना कार्रवाई करार दिया है। इस मौके पर उपस्थित लोगों के हाथों में खामेनेई की तस्वीर देखी गई और बडी़ संख्या में लोगों के रोने की आवाज़ें भी आ रही थीं।