12 Mar 2026
-गर्मियों की तैयारी के लिए 12 नए वाटर टैंकर खरीदे जाएंगे
-आरके आश्रम में आधुनिक जल नियंत्रण कक्ष बनेगा
-मुफ्त वॉटर एटीएम की संख्या बढ़ाई जाएगी
नई दिल्ली, 12 मार्च (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष "समर एक्शन प्लान–2026" तैयार किया है। यह जानकारी एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज दी।
चहल ने बताया कि इस योजना के तहत एनडीएमसी क्षेत्र के जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है और जरूरत पड़ने पर वहां वाटर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गर्मियों के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए 12 नए माउंटेड वाटर टैंकर खरीदे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति मुख्य रूप से दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से होती है, जो चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर और सोनिया विहार जल शोधन संयंत्रों से विभिन्न प्वाइंट्स के माध्यम से मिलती है। एनडीएमसी क्षेत्र में कुल लगभग 127 एमएलडी पानी उपलब्ध है, जिसमें लगभग 125 एमएलडी दिल्ली जल बोर्ड से और करीब 2.08 एमएलडी ट्यूबवेल से प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि जल वितरण को सुचारु बनाए रखने के लिए एनडीएमसी के पास 24 अंडरग्राउंड रेजरवॉयर (यूजीआर) और बूस्टिंग स्टेशन हैं, जिनके माध्यम से पूरे एनडीएमसी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाती है। सामान्यतः सुबह और शाम के समय पानी की सप्लाई दी जाती है।
चहल ने बताया कि जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए आरके आश्रम में एनडीएमसी का नया जल नियंत्रण कक्ष (वॉटर कंट्रोल रूम) बनाया जा रहा है, जिसकी भंडारण क्षमता 10 लाख लीटर होगी। यह परियोजना अगले 7 से 9 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बनने से आपात स्थिति में जल आपूर्ति प्रबंधन और बेहतर होगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में 37 वॉटर एटीएम कार्यरत हैं, जिनमें से 17 भुगतान आधारित हैं और बाकी मुफ्त पानी उपलब्ध कराते हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एनडीएमसी वॉटर एटीएम योजना का विस्तार कर रहा है। इसके तहत जेजे क्लस्टर क्षेत्रों में लगभग 50 नए वॉटर एटीएम मुफ्त आधार पर लगाए जाएंगे।
चहल ने यह भी सुझाव दिया कि सभी एनडीएमसी और नवयुग स्कूलों के बाहर भी वॉटर एटीएम लगाए जाएं, ताकि अभिभावकों, छात्रों और आगंतुकों को मुफ्त और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि एनडीएमसी ने आपातकालीन जल आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया है। इसके तहत 5 पानी की ट्रॉलियों में लगभग 5000 लीटर क्षमता के पंप लगाए गए हैं, जो जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पानी पहुंचाने में मदद करेंगे।
उन्होंने बताया कि एनडीएमसी ने ऐसे कई स्थानों की पहचान भी की है जहां अक्सर पानी की कमी की शिकायत आती है। गर्मियों के दौरान इन क्षेत्रों में समय पर पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत सरोजिनी नगर स्थित जीपीआरए कॉलोनी में बोरवेल लगाने की अनुमति दी गई है। कुल 4 बोरवेल की मंजूरी दी गई है, जिनमें से 2 बोरवेल तैयार हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता और बेहतर होगी।
एनडीएमसी विनय मार्ग क्षेत्र में 24×7 जल आपूर्ति का पायलट प्रोजेक्ट भी लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य लगातार पानी की सप्लाई देना और पानी की बर्बादी को कम करना है। यह परियोजना जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए एनडीएमसी ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में 10 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एटीपी) काम कर रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 2750 केएलडी है और इनका उपयोग बागवानी व सिंचाई के लिए किया जाता है।
इसके अलावा 95 रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट्स बनाने की योजना भी तैयार की गई है, जो केंद्रीय भू-जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) के सहयोग से भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेंगे।
चहल ने बताया कि एनडीएमसी पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करता है। इसके लिए रेजरवॉयर, पाइपलाइन और घरों से पानी के सैंपल लिए जाते हैं। यदि कहीं पानी दूषित होने की शिकायत मिलती है तो उस क्षेत्र की जल आपूर्ति तुरंत रोककर टैंकर के माध्यम से साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एनडीएमसी कालीबाड़ी मार्ग स्थित 24×7 जल आपूर्ति कंट्रोल रूम संचालित करता है। नागरिक निम्न माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
* 24×7 टोल फ्री हेल्पलाइन – 1533
* कंट्रोल रूम – 011-23743642, 011-23360683
* व्हाट्सएप – 8588887773
* एनडीएमसी 311 मोबाइल ऐप
* ऑनलाइन शिकायत या संबंधित फील्ड स्टाफ से संपर्क
चहल ने नागरिकों से पानी बचाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी से बचें, लीकेज की नियमित जांच करें, नल खुला न छोड़ें, बाल्टी का उपयोग करें और पौधों को सुबह या शाम के समय पानी दें।
उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के माध्यम से एनडीएमसी गर्मियों के दौरान विश्वसनीय जल आपूर्ति, त्वरित शिकायत निवारण और जिम्मेदार जल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और सतत पेयजल उपलब्ध कराने के विजन तथा विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।