27 Jan 2026
कानपुर, 27 जनवरी (हि.स.)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमाें काे लेकर पूरे देशभर में विराेध हाे रहा है। इसी कड़ी में कानपुर से भाजपा युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष आकाश ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से पत्र लिखकर नियमाें पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उनके द्वारा किए गए इस तरह के विरोध से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कानपुर में भाजपा के युवा मोर्चा जूही मंडल उपाध्यक्ष आकाश ठाकुर ने यूजीसी के नए नियमाें का अनोखे और बेहद भावुक तरीके से विरोध किया है। उन्होंने मंगलवार को अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखकर इन नियमाें पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। भाजपा नेता का मानना है कि यह नियम भविष्य में समाज और शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है। समाज में जहर घोलने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि मैं खुद भारतीय जनता पार्टी का सदस्य हूं। मेरी किसी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई भी नहीं है। सदस्य होने के नाते मैं अपने बड़ों और जिम्मेदारों से केवल आग्रह कर रहा हूं, कि इन नियमाें को वापस लिया जाए या फिर इसमें संशोधन किया जाये।भाजपा नेता ने कहा कि इन नियमाें से कॉलेजों में छात्रों के बीच भेदभाव की स्थिति पैदा होने लगेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा नियम समाज के लिए जहर के समान है। यदि समय रहते इसमें आवश्यक संशोधन नहीं किए गए तो आने वाले समय में लोग एक-दूसरे से घृणा करने लगेंगे, जो देश के लिए खासताैर पर सवर्ण समाज के छात्रों के बीच और भी ज्यादा घातक साबित होगा।