12 Feb 2026
नई दिल्ली, 12 फरवरी (इंद्रप्रस्थ न्यूजएजेंसी)। महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के लिए राहत देने वाली खबर आई है। जनवरी में नई श्रृंखला के तहत जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर 2.75 फीसदी रही। सरकार ने महंगाई मापने का पैमाना यानी 'बेस ईयर' को बदल दिया है। अब 2012 की जगह वर्ष 2024 को आधार मानकर महंगाई के आंकड़े जारी किए गए हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों में बताया कि नई श्रृंखला में मूल्य स्थिति की बेहतर तस्वीर पेश करने के लिए वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 तथा सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक कुल खुदरा महंगाई 2.75 फीसदी, ग्रामीण महंगाई 2.73 फीसदी, शहरी महंगाई 2.77 फीसदी, खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर राष्ट्रीय स्तर पर 2.13 फीसदी रही। इसके अलावा आवास से जुड़ी महंगाई दर 2.05 फीसदी दर्ज की गई है। एनएसओ के मुताबिक जनवरी महीने में खाद्य महंगाई 2.13 फीसदी रही है। शहरों के मुकाबले गांवों में महंगाई थोड़ी कम है, इस तरह कुल मिलाकर महंगाई अभी काबू में दिख रही है। खुदरा महंगाई की नई श्रृंखला में प्रमुख सुधारों में ग्रामीण मकान किराया, ऑनलाइन मीडिया सेवाएं एवं ईंधन (सीएनजीपीएनजी) को शामिल किया गया है। डिजिटल एवं प्रशासनिक स्रोतों से उपलब्ध आंकड़ों के बेहतर ‘कवरेज’ के लिए टेलीफोन शुल्क, रेल किराया, हवाई किराया, ईंधन, डाक शुल्क तथा ऑनलाइन मीडिया एवं ‘स्ट्रीमिंग’ सेवाएं (ओटीटी सब्सक्रिप्शन) को भी नई श्रृंखला में शामिल किया गया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में बड़ा बदलाव किया है। वर्ष 2012 को आधार वर्ष मानने वाली पुरानी श्रृंखला के तहत जनवरी, 2025 में खुदरा महंगाई दर 4.26 फीसदी थी, जबकि दिसंबर, 2025 में यह 1.33 फीसदी रही थी। खुदरा महंगाई नए अनुक्रमणिका का ढांचा 'घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण 2023-24' पर आधारित है।