04 Feb 2026
नई दिल्ली, 04 फरवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसके पूर्व प्रमोटर अनिल अंबानी से जुड़े कथित हजारों करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच में देरी को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने जांच एजेंसियों से सुनिश्चित करने को कहा है कि अनिल अंबानी देश से बाहर न जाएं। अनिल अंबानी ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वो बिना अदालत की अनुमति के विदेश नहीं जाएंगे। उच्चतम न्यायालय ने 23 जनवरी को अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े बड़े बैंक धोखाधड़ी की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अनिल अंबानी को नोटिस जारी किया है और सीबीआई और ईडी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस शर्मा ने दायर की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि जांच एजेंसियां बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी और उनके अफसरों की इस मामले में संलिप्तता की जांच नहीं कर रही हैं। प्रशांत भूषण ने कहा कि यह मामला देश के इतिहास में शायद सबसे बड़ा कारपोरेट धोखाधड़ी है। सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि एफआईआर 2025 में दर्ज की गई थी, जबकि धोखाधड़ी 2007-08 से चल रही थी। याचिका में सार्वजनिक धन की साजिशन हेराफेरी और इस हेराफेरी में अनिल अंबानी की कंपनियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है।