12 Feb 2026
कोलकाता, 12 फरवरी (हि. स.)। महाराष्ट्र के पुणे में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के प्रवासी श्रमिक सुखेन महतो की मौत को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। पुणे पुलिस द्वारा इसे कथित रूप से शराब के नशे में हुए विवाद का परिणाम बताए जाने पर तृणमूल कांग्रेस ने इस दावे को खारिज कर दिया है। तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को पुरुलिया जाकर मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगे। पुणे पुलिस ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि घटना सोमवार रात की है। सुखेन महतो स्थानीय कंपनी में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, वह दोपहर करीब तीन बजे घर से काम पर जाने के लिए निकले, लेकिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। पुलिस का कहना है कि महतो कोरेगांव क्षेत्र में कथित रूप से नशे की हालत में घूम रहे थे। शिक्रापुर थाना के निरीक्षक दीपरण गायकवाड़ के मुताबिक, महतो का दो लोगों से विवाद हुआ। निरीक्षक ने बताया, “प्रारंभिक जांच में आशंका है कि विवाद के बाद दो व्यक्तियों ने उनकी हत्या कर दी। सीसीटीवी फुटेज में मृतक को नशे की हालत में दो लोगों से बहस करते देखा गया है। हालांकि हमला कैमरे में कैद नहीं हुआ। बाद में वह घटनास्थल के पास मृत पाए गए। उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई।” पुलिस का कहना है कि अब तक जांच में हत्या के पीछे किसी अन्य उद्देश्य के संकेत नहीं मिले हैं और आरोपितों की तलाश जारी है। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के इस संस्करण को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि मामले को दबाने और सच्चाई से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि एक युवा को उसकी भाषा, पहचान और मूल निवास के कारण प्रताड़ित कर मार दिया गया। राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि महाराष्ट्र में हुई यह घटना कोई अलग मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों से विभिन्न राज्यों में बांग्ला भाषियों को निशाना बनाया जा रहा है। जब हम यह मुद्दा उठाते हैं, तो भाजपा शासित राज्यों की पुलिस अलग सिद्धांत पेश कर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है। हाल के महीनों में भाजपा शासित कुछ राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के साथ उत्पीड़न और हमलों के आरोप सामने आए हैं। तृणमूल का दावा है कि बंगाली भाषा और पहचान के आधार पर हमले किए जा रहे हैं। पुणे की इस घटना में भी मृतक के परिजनों ने इसी तरह के आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, जबकि घटना ने बंगाल और महाराष्ट्र के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है।