23 Dec 2025
नई दिल्ली, 23 दिसंबर ( इंद्रप्रस्थ न्यूज)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को मज़बूत करने से जुड़े कई अहम फैसलों को मंज़ूरी दी। इन फैसलों का मक़सद दिल्ली को साफ़, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाना है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि ये कदम हवा और पानी के प्रदूषण के स्रोतों पर सीधा असर डालेंगे और व्यवस्था में स्थायी सुधार लाएंगे। कैबिनेट ने दिल्ली के जलाशयों के पुनर्जीवन के लिए ₹100 करोड़ की राशि को मंज़ूरी दी है। दिल्ली में कुल 1000 ऐसे जलाशय हैं। इनमें से लगभग 160 जलाशय दिल्ली सरकार के अधीन हैं।
सिरसा ने बताया कि दिल्ली के जलाशयों को फिर से जीवित करना प्रदूषण नियंत्रण में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस काम को समय पर पूरा करने के लिए सभी ज़रूरी कदम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बताया कि पहले DPCC द्वारा ₹19 करोड़ दिए गए थे। अब अतिरिक्त ₹100 करोड़ से सभी चिन्हित जलाशयों के शत-प्रतिशत पुनर्जीवन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही DDA से भी इसी तरह की कार्रवाई के लिए समन्वय किया जाएगा।
कैबिनेट ने होलंबी कलां में 11.5 एकड़ में बनने वाले दिल्ली के पहले ई-वेस्ट पार्क को भी मंज़ूरी दी। यह पूरी तरह सर्कुलर मॉडल पर आधारित होगा, जहां ज़ीरो वेस्ट और ज़ीरो प्रदूषण के सिद्धांतों का पालन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह देश का पहला ऐसा आधुनिक ई-वेस्ट पार्क होगा, जहां पानी और हवा दोनों को प्रदूषित होने से बचाया जाएगा। यहां इस्तेमाल होने वाला पूरा पानी दोबारा रिसायकल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क दिल्ली में साफ़ और ज़िम्मेदार औद्योगिक ढांचे की एक नई मिसाल बनेगा।
एक और अहम फैसले में कैबिनेट ने दिल्ली की बस सेवाओं का संचालन DIMTS से हटाकर DTC को सौंपने को मंज़ूरी दी है। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी। सिरसा ने कहा कि इस फैसले से बस सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, रूट रेशनलाइज़ेशन आसान हो सकेगा और ड्राइवर-कंडक्टरों को ज़्यादा स्थिरता मिलेगी।
‘नो PUCC, नो फ्यूल’ जारी रहेगा
दिल्ली सरकार ने तय किया है कि GRAP हटने के बाद भी ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ अभियान जारी रहेगा। मंत्री ने कहा कि बिना वैध PUCC के वाहन चलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ़ अपराध जैसा है। उन्होंने बताया कि हालिया जांच में 12 PUC केंद्रों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। आगे भी लगातार जांच और निगरानी जारी रहेगी।
उद्योगों और वाहनों पर सख़्ती
सिरसा ने बताया कि चाहे फैक्ट्री हो या पेट्रोल पंप, कोई भी प्रदूषक अब जवाबदेही से नहीं बच पाएगा।