25 Jan 2026
कानपुर, 25 जनवरी (हि.स.)। जनपद की कमिश्नरेट सचेण्डी पुलिस ने रविवार को तीन ऐसे साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले लोगों काे मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने और खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर ठगी करते थे। अभी तक आरोपितों ने देश के कई राज्यों से करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस ने मौके से 17 सिम कार्ड और कुछ फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इसके अलावा उनके बैंक खाते में मिले आठ लाख रुपये भी फ्रीज किये गए हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने घटना का खुलासा कर प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि शातिर ठग सचेण्डी के ठाकुर दासपुर इलाके के एक घर से ठगी का गोरखधंधा चलाते थे। सबसे हले यह किसी भी रैंडम नंबर पर फोन करते और उसे फोन पर अश्लील वीडियो देखने और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर भोले-भाले लोगों को डराते थे। पीड़ित को पूरी तरह से उन पर यकीन हो जाये, इसके लिए बैकराउंड में सायरन और हूटर भी बजाते थे। आखिर में कानूनी कार्रवाई न करने के एवज में पीड़ितों से मोटी रकम वसूल लिया करते थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रलोभन देकर भय एवं मानसिक दबाव की स्थिति का लाभ उठाकर पीड़ितों से विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी एवं क्यूआर कोड एवं कूट रचित आधार कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर कराई जाती थी। इस प्रकार ठगों द्वारा पुलिस की पहचान का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित ढंग से साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। पुलिस ने कानपुर देहात के गजनेर निवासी अरविंद सिंह सचेण्डी निवासी अनुराग सिंह और विशाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से तीन मोबाइल, पांच एटीएम कार्ड, 17 सिम कार्ड और तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किये हैं। उन्होंने बताया कि अभी शातिरों के खिलाफ ऑनलाइन पोर्टल पर 30 शिकायतें मिली हैं। जिनके अंतर्गत ढाई से तीन करोड़ की ठगी और एक बैंक खाते में आठ लाख रुपये फ्रीज किये गए हैं।