11 Feb 2026
कानपुर, 11 फरवरी (हि.स.)। जनपद के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में हुए लैंबॉर्गिनी लग्जरी कार हादसे में अब ड्राइवर की पहचान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोपित पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने मोहन नामक व्यक्ति को कोर्ट में पेश करते हुए उसे वाहन चालक बताया। लेकिन हादसे के समय वायरल हुए वीडियो में ड्राइवर सीट से शिवम मिश्रा को बाहर निकालते हुए साफ देखा गया था। इस विरोधाभास ने पूरे मामले को और अधिक उलझा दिया है। मीडिया से बातचीत में मोहन ने दावा किया कि घटना के समय गाड़ी वही चला रहा था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं कोर्ट में पेश होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहा है। वहीं उनके वकील धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि ड्राइवर कौन था, यह पुलिस जांच का विषय है और बचाव पक्ष कानून के तहत अपना कर्तव्य निभा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस कमिश्नर पहले ही बयान दे चुके हैं कि प्रारम्भिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हादसे के समय वाहन शिवम मिश्रा चला रहा था। ऐसे में मोहन के सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह किसी को बचाने की कोशिश है या जांच में कोई नया मोड़ आने वाला है, यह अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकारी पक्ष की ओर से डीजीसी दिलीप मिश्रा ने बुधवार को बताया कि मोहन कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की एफआईआर में ड्राइवर के रूप में उनका नाम दर्ज नहीं है। इस आधार पर अदालत ने उनका सरेंडर स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति पर आरोप है, यानी शिवम मिश्रा, उसे स्वयं न्यायालय में उपस्थित होना होगा। फिलहाल पुलिस की आगे की कार्रवाई और आरोपित की संभावित पेशी को लेकर सभी की नजरें इस बहुचर्चित मामले पर टिकी हैं।