12 Mar 2026
धाररतलाम, 12 मार्च (हि.स.)। पत्रकार एवं कांग्रेस नेता हिम्मत जैथवार को पांच दिन तक कथित रूप से अवैध अभिरक्षा में रखने के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने रतलाम के तत्कालीन एसडीएम संजीव केशव पांडे को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लगाए गए आरोपों का जवाब देने का निर्देश दिया है। यह आदेश 11 मार्च को सुनवाई के दौरान जारी किया गया। याचिकाकर्ता हिम्मत जैथवार की ओर से अधिवक्ता नवेंदु जोशी और रोहित शर्मा ने न्यायालय में पक्ष रखा। वर्तमान में संजीव केशव पांडे धार जिले में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। याचिका के अनुसार, रतलाम नगर निगम चुनाव के दौरान 19 जुलाई 2022 को उस समय के वित्त मंत्री और वर्तमान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा चुनाव प्रचार के सिलसिले में रतलाम पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकार हिम्मत जैथवार ने उनका साक्षात्कार लेने का प्रयास किया था। आरोप है कि इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 20 जुलाई की रात उन्हें उनके घर से धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर स्टेशन थाना में निरुद्ध कर दिया। बताया गया कि 21 जुलाई को कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा थाने का घेराव किए जाने के बाद हिम्मत जैथवार को तत्कालीन एसडीएम संजीव केशव पांडे के समक्ष पेश किया गया। याचिका में कहा गया है कि जमानत के लिए आवश्यक बांड और दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया और नियमों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। बाद में 26 जुलाई 2022 को उन्हें जमानत मिली। इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए हिम्मत जैथवार ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने तत्कालीन एसडीएम संजीव केशव पांडे को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई में इस संबंध में विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।