27 Feb 2026
नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने नीतीश कटारा हत्याकांड में सजा काट रहे विकास यादव को अपने परिवार के साथ होली मनाने के लिए फरलो पर रिहा करने करने की अनुमति दे दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश दिया। कोर्ट ने विकास यादव को 7 मार्च तक फरलो की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि विकास यादव ने 23 साल की सजा काट ली है जबकि सजा 25 साल की मिली है। उच्च न्यायालय ने 11 फरवरी को विकास यादव की तीन हफ्ते की फरलो पर रिहा करने की मांग खारिज कर दी थी। विकास यादव ने तिहाड़ जेल के महानिरीक्षक से फरलो पर तीन हफ्ते के लिए रिहा करने की मांग की थी जिसे नामंजूर कर दिया गया था। जेल प्रशासन ने विकास के खिलाफ अपराध की गंभीरता, पीड़ित के परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर किए जा रहे विरोध को देखते हुए अर्जी खारिज कर दी थी। विकास यादव ने जेल महानिरीक्षक के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिका में विकास ने कहा था कि 25 साल की सजा में उसने 23 साल से ज्यादा हिरासत में गुजार दिए हैं। वो अपनी मां की देखभाल और शादी के लिए चार महीने की अंतरिम जमानत पर था लेकिन उसने जमानत की किसी भी शर्तों का उल्लंघन नहीं किया था। उच्चतम न्यायालय ने 03 अक्टूबर 2016 को विकास यादव की सजा घटाकर 25 साल कर दी थी। विकास यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का बेटा है। नीतीश कटारा की हत्या 17 फरवरी 2002 को कर दी गई थी। नीतीश कटारा का विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ प्रेम संबंध था। यह संबंध यादव परिवार को मंजूर नहीं था।