17 Feb 2026
चेन्नई, 17 फरवरी (हि.स.)। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सरकार ने राज्य विधानसभा में अंतरिम बजट के साथ कृषि का अंतरिम बजट भी पेश किया। वित्त मंत्री थंगम थेनारासु के बजट भाषण के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए किसानों के कल्याण, उत्पादन वृद्धि और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने सुबह 9:30 बजे बजट भाषण शुरू किया और विभिन्न विभागों की उपलब्धियों तथा नई योजनाओं की जानकारी देते हुए 2 घंटे 22 मिनट तक सदन को संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और आर्थिक प्राथमिकताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
वित्त मंत्री के भाषण के बाद राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने तमिलनाडु विधानसभा में कृषि का अंतरिम बजट पेश किया। अपने संबोधन में उन्होंने कृषि समुदाय को दुनिया के सभी जीवों के जीवन का आधार बताते हुए कहा कि किसानों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है।
कृषि मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्यभर में 28 कृषि परामर्श बैठकें आयोजित की गईं, जिससे किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझकर योजनाएं तैयार की गईं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों में “कलैग्नर कृषि विकास योजना” लागू की गई है, जिसके तहत कृषि विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। इस योजना के अंतर्गत 10,000 लघु सिंचाई तालाबों का उन्नयन किया गया है, जिससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है और किसानों को पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
इसके अलावा, राज्यभर में 800 गुणवत्ता परीक्षण केंद्रों सहित उर्वरक भंडार स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले उर्वरक उपलब्ध हो सकें। मंत्री ने बताया कि 178 करोड़ रुपये की लागत से “मन्नुयिर काथु, मन्नुयिर काप्पोम” (मिट्टी और जीवन संरक्षण) योजना लागू की गई है, जिसका उद्देश्य मिट्टी की गुणवत्ता को संरक्षित करना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि कोयंबटूर में नम्माल्वर कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है, जिससे कृषि अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य सरकार जल्द ही कृषि वानिकी नीति भी जारी करेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में मेत्तूर बांध समय पर खोला गया, जिससे किसानों को सिंचाई में काफी लाभ मिला है।
कृषि क्षेत्र के विस्तार पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पहल से 3 लाख एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में खेती शुरू हुई है। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 496 स्नातक युवाओं को अनुदान प्रदान किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु मिलेट मिशन के तहत 12 लाख किसानों को 178 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है और 20 लाख एकड़ क्षेत्र में मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को प्रोत्साहित किया गया है।
कृषि बजट पेश किए जाने के दौरान द्रमुक के सभी विधायक हरे रंग का दुपट्टा पहनकर सदन में मौजूद रहे। यह किसानों के प्रति सम्मान, समर्थन और राज्य सरकार की कृषि के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना गया।
राज्य सरकार का यह अंतरिम कृषि बजट आगामी विधानसभा चुनाव से पहले किसानों को राहत देने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।