07 Feb 2026
नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में आज ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को जनकपुरी स्थित दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री के साथ दिल्ली जल बोर्ड के चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर, डीसीपी पश्चिम दिल्ली पुलिस, डीसीपी ट्रैफिक, डीएम वेस्ट, डीसी पश्चिमी नगर निगम एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त दराडे शरद भास्कर ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेस करते हुए बताया कि बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले पुलिस ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी निगरानी के आधार पर, हमें रोहिणी निवासी विपिन सिंह नाम का एक चश्मदीद गवाह मिला, जिसने उस रात घटना देखी और एक गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने फिर योगेश नाम के एक मजदूर को सूचना दी, जिसने नाले में हेडलाइट जलती हुई एक बाइक देखी और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से पुष्टि के अनुसार, उसने गुरुवार रात 12:22 बजे राजेश प्रजापति को सूचना दी। यह जानते हुए भी कि वहां एक बाइक और एक व्यक्ति गिरा हुआ है, उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी और मजदूर बाद में मौके से फरार हो गए। उन्हें ढूंढने के लिए टीमें भेजी गई हैं और इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। निरीक्षण के बाद आशीष सूद ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही से भी जुड़ा विषय है। दिल्ली के नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूद ने कहा की मैंने आज सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया है। घटना के वास्तविक कारणों की तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गहन जांच कराई जाएगी। इस घटना में जो भी अधिकारी, एजेंसी या ठेकेदार प्रत्यक्ष या अप्रत्क्ष रूप से दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जनकपुरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की समग्र सुरक्षा का भी ऑडिट कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का स्पष्ट कहना है की दिल्ली में जनता की सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। प्रथम दृष्टया जिन अधिकारियों पर लापरवाही का संदेह पाया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मंत्री ने यह भी कहा की यह घटना अत्यंत दुखद है और हम सभी इससे आहत हैं। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम पर पल-पल निगरानी रखे हुए हैं और उनके निर्देशों पर सभी कार्यवाहियां की जा रही हैं। सूद ने पीडब्ल्यूडी, जल बोर्ड और निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए की जनकपुरी में सरकारी विभागों द्वारा विकास और निर्माण के लिए जहां-जहां काम किएजा रहे है, वहां सुरक्षा के सभी उपायों के साथ-साथ विशेष सतर्कता और सावधानी बरती जाए। निर्माण स्थलों के आसपास पर्याप्त मात्रा में ट्रैफिक मार्शल, रात में लाइट की व्यवस्था, बैरिकेट्स के पास रिफ्लेक्टर, आदि भी लगाए जाएं। इसके साथ ही निर्माण कार्य करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी की लिखित परमिशन का भी विशेष ध्यान रखें। सभी संबंधित विभाग यदि मिलकर समन्वय के साथ काम करेंगे तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता है। शहरी विकास मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जहां पर यह घटना घटी वह मार्ग एक अत्यंत व्यस्त सड़क है, जो विकासपुरी और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ती है। निर्माण कार्य में अस्थायी विलंब के कारण आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया है। सिंगल कैरिजवे पर दोनों दिशाओं में यातायात सुचारू रखने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को ही दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ एक सर्कुलर जारी किया गया था। इसके अतिरिक्त, शहरी विकास मंत्री के रूप में वह भी दिल्ली नगर निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को औपचारिक पत्र लिखकर जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। सूद ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से चल रही है और जांच के आधार पर नामजद शिकायतें दर्ज होंगी तथा दोषी पाए जाने वालों की गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना के बाद सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी और भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।