18 Feb 2026
गुवाहाटी, 18 फरवरी (हि.स.)। असम विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस ने अपने दो विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट किया। ये दोनों विधायक हाल ही में राइजोर दल में शामिल हुए हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी से कांग्रेस की ओर से दिए गए नोटिस पर तत्काल फैसला लेने की मांग की। कांग्रेस ने इन विधायकों को संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की है। हालांकि, अध्यक्ष दैमारी ने कहा कि उन्हें नोटिस अभी-अभी प्राप्त हुए हैं और मामले की जांच के लिए समय चाहिए। अध्यक्ष के इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान ही सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन में जिन विधायकों को लेकर विवाद है, उनमें अब्दुर राशिद मंडल और शेरमान अली अहमद शामिल हैं। दोनों पश्चिमी असम के निर्वाचन क्षेत्रों से तीन-तीन बार विधायक रह चुके हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कांग्रेस ने पहले उन्हें निलंबित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली राइजोर दल की सदस्यता ग्रहण कर ली। मीडिया से बातचीत में देबब्रत सैकिया ने कहा कि कांग्रेस ने कई विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दाखिल की थी, लेकिन अध्यक्ष ने चार वर्षों से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पर्याप्त सबूत प्रस्तुत किए हैं और संविधान के दसवें शेड्यूल के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ, बसंत दास, शशिकांत दास, सिद्दीक अहमद और शेरमान अली अहमद सहित अन्य विधायकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग का उल्लेख किया। सैकिया ने महाराष्ट्र और मणिपुर के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अयोग्यता याचिकाओं पर “उचित समय” के भीतर निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चार साल का समय निश्चित रूप से बहुत लंबा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष पर सरकार का दबाव है, ताकि विपक्ष को कमजोर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इसी विरोध के चलते कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान सदन से वॉकआउट किया। इस घटनाक्रम से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और टकराव की संभावना जताई जा रही है।