10 Mar 2026
नई दिल्ली, 10 मार्च (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि प्रत्यक्ष कर देश के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक स्थिर राजस्व स्रोत के रूप में यह सरकारों को अवसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करने में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली समानता को बढ़ावा देती है और समावेशी तथा सतत विकास की मजबूत नींव तैयार करती है। राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) के 79वें बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि राजस्व सेवा का दायित्व केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। जटिल वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करने, सीमाओं के पार अवैध वित्तीय प्रवाह का पता लगाने और जटिल कॉरपोरेट संरचनाओं को समझने की क्षमता आईआरएस अधिकारियों को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में राष्ट्र का महत्वपूर्ण सहयोगी बनाती है। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अपने आचरण और निर्णयों में विवेक बरतें। एक विवेकपूर्ण अधिकारी प्रवर्तन और सुविधा, अधिकार और विनम्रता तथा तकनीकी क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने अधिकार का प्रयोग विनम्रता, संयम और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ करें। भारतीय राजस्व सेवा (आईटी) के अधिकारी प्रशिक्षु वर्तमान में राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर में प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस बैच में भूटान की रॉयल भूटान सेवा के दो अधिकारी प्रशिक्षु भी शामिल हैं।