17 Feb 2026
भुवनेश्वर, 17 फ़रवरी (हि.स.)। सिंगापुर में लापता हुए ओडिया नाविक सार्थक महापात्र के परिवारजन मंगलवार को असफल खोज अभियान के बाद भुवनेश्वर लौट आए। परिवार ने उस जहाज़ का संचालन करने वाली कंपनी पर जांच के दौरान पर्याप्त सहयोग न करने का आरोप लगाया है। सार्थक महापात्र 3 फरवरी को सिंगापुर में एक पोत पर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उनकी तलाश के उद्देश्य से उनकी मां रश्मिता महापात्र और उनके चाचा सिंगापुर गए थे। परिवार के साथ भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए शिपिंग महानिदेशालय के दो वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। टीम ने जहाज़ के कई हिस्सों का निरीक्षण किया, जहां सार्थक को अंतिम बार देखा गया था। हालांकि संयुक्त निरीक्षण के बावजूद उनके ठिकाने के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। सार्थक के मामा ने आरोप लगाया कि भारतीय अधिकारियों ने पूरा सहयोग किया, लेकिन शिपिंग कंपनी का रवैया संतोषजनक नहीं था। उन्होंने कहा, “भारतीय अधिकारियों से हमें पूरा सहयोग मिला, लेकिन कंपनी ने हमारी मदद नहीं की। हमें जहाज़ पर दो घंटे से अधिक रुकने या पूरी तरह निरीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई। जब हमने क्रू सदस्यों से बात करने की कोशिश की, तो दो एचआर कर्मियों ने हमें उनसे मिलने से रोक दिया।” परिवार का यह भी आरोप है कि जहाज़ के अधिकारियों ने उनके पूरे दौरे के दौरान उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी और कुछ हिस्सों में जाने से रोका। उन्हें क्रू से स्वतंत्र रूप से पूछताछ करने की अनुमति भी नहीं दी गई। परिजनों ने सवाल उठाया कि स्पष्ट परिस्थितियों के बिना कोई व्यक्ति जहाज़ से कैसे लापता हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई जा रही है और मामले की विस्तृत तथा पारदर्शी जांच की मांग की है।